NIA की जांच रिपोर्ट में चीनी साजिश पर सबसे बड़ा खुलासा
एनआईए की जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान, दुबई, नेपाल बांग्लादेश और सिंगापुर के रास्ते भारत में जाली नोट पहुंचा रहा है। भारत में फेक करंसी यानी की नकली नोट की कीमत में आठ फीसदी का इजाफा हुआ है। एक हजार, पांच सौ और सौ रुपये की नकली करेंसी पाकिस्तान में प्रिंट होती है, इसके बाद ये नोट पाकिस्तान से बांग्लादेश भेजे जाते हैं। बांग्लादेश से ये नकली नोट किसी ना किसी तरह हिंदुस्तान में भेजे जाते हैं फिर इन्हें एजेंट इकट्ठा करते हैं और देश के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचाते हैं।
फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट के मुताबिक आतंकी गतिविधियों में नकली नोटों का इस्तेमाल पिछले कुछ साल में काफी ज्यादा बढ़ा है। 2014 के मुकाबले इस साल ये 250 फीसदी बढ़ा है। ये आंकड़ा बेहद ही चौंकाने वाला है और सबसे ज्यादा हिजबुल मुजाहिद्दीन और नॉर्थ ईस्ट के कई आतंकी संगठन इन पैसों का इस्तेमाल करते हैं।
18 रुपये में 100 रुपये का नकली नोट
कई जांच एजेंसियों की तैयार रिपोर्ट के मुताबिक हिंदुस्तान में फेक करंसी की डिमांड 160 फीसदी बढ़ी है सिर्फ पश्चिम बंगाल में नकली नोटों की मांग चार सौ फीसदी बढ़ गई है। एनआईए की जांच रिपोर्ट के मुताबिक फेक करेंसी की डिमांड का असर इसकी कीमत पर भी पड़ा है। पिछले साल नवंबर में 100 रुपये की फेक करंसी का भाव 10 रुपये था लेकिन अब सौ रुपये की फेक करेंसी के लिए 18 रुपये लिए जा रहे हैं। यानी अब फेक करंसी की कीमत में आठ फीसदी का इजाफा हुआ है और ये जाली नोट देश की अर्थव्यवस्था के लिए इस वक्त सबसे बड़ा खतरा बन गए हैं जिसे जड़ से खत्म करने में एनआईए जुट गई है।