नई दिल्ली: नेशनल इन्वेस्टीगेश एजेंसी (NIA) ने नकली नोटों के रैकेट पर सबसे बड़ा खुलासा किया है। एनआईए की जांच रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि हिंदुस्तान में नकली नोंटो का जखीरा भेजने में पाकिस्तान और चीन दोनों ने मिलकर बड़ी साठगांठ कर ली है। दोनों देश डबल गेम करके हिंदुस्तान की इकोनॉमी को तबाह करने में जुटे हैं। चीन और पाकिस्तान मिलकर भारत में ऑपरेशन जाली नोट को अंजाम दे रहे हैं।
हिंदुस्तान के खिलाफ चीन-पाकिस्तान की सबसे बड़ी साजिश
ये खुलासा हैरान करने वाला है क्योंकि अब तक यही बात पानी की तरह साफ थी कि भारत में नकली नोटों की साजि़श के पीछे पाकिस्तान का हाथ है लेकिन अब फेक करेंसी के गेम में पाकिस्तान के साथ साथ चीन भी शामिल हो गया है। भारत की अर्थव्यस्था को बर्बाद करने के लिए पाकिस्तान के साथ चीन मिल कर डबल गेम कर रहा है। अब चीन अपने यहां एक रास्ते से भी नकली नोटों की खेप भारत पहुंचा रहा है।
NIA का 'ऑपरेशन जाली नोट'
जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले डेढ़ साल के दौरान फेक करेंसी का एक नया रूट डेवलप हुआ है अब तस्कर चीन रूट से भी फेक करंसी हिंदुस्तान भेज रहे हैं। फेक करंसी को चीन से सिंगापुर, मलेशिया, थाइलैंड, वियतनाम, श्रीलंका और हांगकांग के जरिए हिंदुस्तान में भेजा जा रहा है।
ये नया रूट हिंदुस्तान के लिए दोहरी मुसीबत जैसा है क्योंकि अब उसे पाकिस्तान के साथ चीन के इस रूट पर भी बड़ी निगरानी रखनी है। चीन के इस नए रूट का मतलब ये है कि चीन से इंडियन फेक करेंसी पहले सिंगापुर मलेशिया थाइलैंड वियतनाम श्रीलंका और हांगकांग भेजी जाती है। फिर इन देशों से तस्कर हवाई जहाज के जरिए नकली नोटों की खेप लेकर दिल्ली मुंबई मैंगलोर हैदराबाद कोचीन कालीकट चेन्नई बैंगलोर और गोवा एयरपोर्ट पहुंचते हैं। फिर यहां से नकली नोटों के ये बंडल हिंदुस्तान में रैकेट में शामिल गिरोह के सदस्यों को दे दिए जाते हैं।
भारतीय अर्थव्यवस्था को तबाह करने में जुटे चीन-पाकिस्तान
ये खुलासा तब हुआ जब जांच एजेंसियों ने पिछले तीन महीने में एक दो नहीं पूरे 65 कंसाइनमेंट भारत में पकड़े जिनके तार इंटरनेशनल रैकेट से जुड़े थे। लेकिन यहां सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर चीन ऐसी नापाक हरकत क्यों कर रहा है। असल में इसके पीछे बड़ी वजह है एशिया में हिंदुस्तान का सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के तौर पर उभरना। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भी कहा था कि अगले साल भारत की अर्थव्यवस्था चीन से पूरे एक प्रतिशत आगे रहेगी इसीलिए जला भुना बैठा चीन अब नकली नोटों के रैकेट के ज़रिए भारत के खिलाफ साज़िश में लगा है लेकिन पाकिस्तान का असली मकसद है भारत में आतंकियों की फंडिंग करना।
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