लखनऊ/नई दिल्ली: हुनर किसी भी चीज का मोहताज नहीं होता जिसके नसीब में जो लिखा बोता है वह कभी ना कभी उसे मिल ही जाता है। ऐसा ही कुछ लखनऊ के एक परिवार के साथ हुआ है जिनकी बेटी ने टॉप किया है लेकिन टॉप करने से भी बढ़कर बात यह है कि लड़की ने उसी यूनिवर्सिटी में टॉप किया है जहां पर उसके पिता चपरासी हैं।
एमसीए की होनहार स्टूडेंट, पापा का नाम किया रोशन
रत्ना रावत बाबा साहब भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी ये एमसीए कर रही थी जहां पर उसने टॉप किया। हैरत की बात यह है कि रत्ना के पिता बीबीएयू में ही चपरासी है।
पीएचडी पूरी कर प्रोफेसर बनना चाहती है
यूनिवर्सिटी में हुए दीक्षांत समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल थे। रत्ना के पिता ने उसे पढ़ाने के लिए लोन लिया था।रत्ना अभी किसी कंपनी में प्राइवेट जॉब कर रही है लेकिन वह पीएचडी करके प्रोफेसर बनना चाहती है। रत्ना से बात करने पर उसने कहा कि उसे पढ़ाने के लिए उसके पिता ने बहुत संकटों का सामना किया है। इसलिए वह प्रोफेसर बनकर उन्हें खुशियां देना चाहती है। रत्ना की एक बहन और चार भाई है।
पिता ने पीएफ और बैंक लोन लेकर बेटी को पढ़ाया
रत्ना के पिता का कहना है कि रत्ना ने एमसीए करने से पहले मॉर्डन अकादमी से बीसीए किया है,जिसकी ज्यादा फीस होने के कारण मुझे रत्ना की पढ़ाई के लिए लोन लेना पड़ा। आखिरी सेमेस्टर में उन्होंने अपने बैंक से पीएफ के पैसे निकाल कर उसकी फीस भरी थी। बृजमोहन का कहना है कि वह चाहते हैं उनके सभी बच्चे खूब पढ़ाई करें। अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए वह एक वक्त ही खाना खाते हैं।