1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. हेडली की गवाही तकनीकी खामी की वजह से टली

हेडली की गवाही तकनीकी खामी की वजह से टली

 Written By: India TV News Desk
 Published : Feb 10, 2016 11:58 am IST,  Updated : Feb 10, 2016 11:58 am IST

लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी से गवाह बने पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी आतंकवादी डेविड कोलमैन हेडली की अमेरिका की जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हो रही गवाही बुधवार को तकनीकी खामी की वजह से रुक गई।

david headley- India TV Hindi
david headley

मुंबई: लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी से गवाह बने पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी आतंकवादी डेविड कोलमैन हेडली की अमेरिका की जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हो रही गवाही बुधवार को तकनीकी खामी की वजह से रुक गई। गवाही अब गुरुवार तक के लिए टल गई है। विशेष लोक अभियोजक उज्जवल निकम ने यहां संवाददाताओं को बताया, "हेडली की गवाही आज (बुधवार) जारी रहने की उम्मीद थी। बदकिस्मती से अमेरिका की ओर से कुछ तकनीकी खामी की वजह से वे लोग हमसे संपर्क नहीं कर सके। अब गवाही गुरुवार तक के लिए टल गई है।"

अमेरिका गुरुवार को होने वाली अगली सुनवाई अतिरिक्त 90 मिनट तक जारी रखने के लिए तैयार हो गया है। तकनीकी खामी दूर होने के बाद गुरुवार सुबह सात बजे से अपराह्न् 1.30 बजे तक विशेष टाडा अदालत के न्यायाधीश जी.ए. सनाप के समक्ष हेडली की गवाही जारी रह सकती है। निकम ने कहा, "हमारी तरफ से कोई तकनीकी दिक्कत नहीं हुई। कल होने वाली सुनवाई संभवत: अपराह्न् 1.30 बजे से ज्यादा देर तक चल सकती है। यह अमेरिका की सहूलियत पर निर्भर है। हमें हमारा केस गुरुवार से आगे बढ़ने की उम्मीद है।"

लश्कर, जैश को वित्तीय और सैन्य मदद करती है ISI

वीडियो-लिंक के जरिए अमेरिका से लगातार दूसरे दिन मुंबई स्थित अदालत के समक्ष कल गवाही देते हुए हेडली ने कहा कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई आतंकी संगठनों लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिज्बुल मुजाहिदीन को वित्तीय, सैन्य एवं नैतिक सहयोग प्रदान करती है। वह लश्कर के अलावा पाकिस्तानी सेना और आईएसआई के लिए काम कर रहा था तथा वह यह भी जानता था कि आईएसआई अधिकारी ब्रिगेडियर रियाज लश्कर कमांडर जकीउर रहमान लखवी का आका है। लखवी मुंबई हमले का मुख्य षडयंत्रकारी है।

उसने अदालत के समक्ष यह भी स्वीकार किया कि लश्कर-ए-तैयबा ने 26/11 के हमलों से एक साल पहले ताज होटल में भारतीय रक्षा वैज्ञानिकों के सम्मेलन पर हमला करने की योजना बनाई थी। हेडली ने यह भी कहा कि उसने नौसैन्य वायु स्टेशन और सिद्धीविनायक मंदिर की रेकी की थी। हेडली ने कहा कि रक्षा वैज्ञानिकों के सम्मेलन पर हमले की योजना टाल दी गई क्योंकि हथियारों की तस्करी करने में दिक्कत थी और इस सम्मेलन के पूरे कार्यक्रम में बारे में जानकारी नहीं मिल पाई थी।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत