नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को दिल्ली की केजरीवाल सरकार के उस परिपत्र को रद्द कर दिया जिसमें राजधानी के गुरु तेगबहादुर अस्पताल (GTB Hospital) में इलाज के लिए दिल्लीवासियों को तरजीह देने संबंधी निर्देश था। मुख्य न्यायाधीश राजेन्द्र मेनन और न्यायमूर्ति वी. के. राव की पीठ ने दिल्ली की आम आदमी सरकार की इस पायलट परियोजना को चुनौती देने वाली एक गैर सरकारी संगठन (NGO) की याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था।
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अदालत इसपर विचार कर रही थी कि अन्य लोगों के मुकाबले GTB में इलाज के लिए दिल्लीवासियों को तरजीह देने की आप सरकार की परियोजना संविधान प्रदत समानता और जीवन के अधिकार का उल्लंघन करती है या नहीं।