नई दिल्ली: एक तरफ जहां दुनिया सम नंबर वाले नए साल 2016 का जश्न मना रही है वहीं दूसरी तरफ दिल्लीवासी सम नंबर 2016 के साथ एक विषम शुरुआत कर रहे हैं। दिल्ली में Odd और Even का नियम आज से ही लागू है। इस नए नियम के मुताबिक अब Odd और Even नंबर की गाड़ियां रखने वाले लोग एक निश्चित दिन ही गाड़ी चला पाएंगे। सम और विषम नंबर का फार्मूला सुबह आठ से शाम आठ बजे तक ही लागू होगा। उसके बाद हर तरह की गाड़ी चल सकती है। आपको बता दें कि दिल्ली सरकार ने यह कदम पर्यावरण में प्रदूषण का स्तर कम करने के लिए उठाया है।
ऐसे लागू होगा सम-विषम फार्मूला
दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन के अनुसार, सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को विषम संख्या के नंबर प्लेट (1,3,5,7,9) वाले वाहन चलेंगे, जबकि मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को सम संख्या के नंबर प्लेट वाले (0,2,4,6,8) वाहन दिल्ली की सड़कों पर चलेंगे। उन्होंने कहा कि रविवार को सभी वाहन को इस नियम से छूट दी जाएगी। उन्होंने बताया कि यह नियम दिल्ली आने वाले सभी वाहनों पर लागू होगा। वहीं आपातकालीन वाहनों जैसे एंबुलेंस, दमकल आदी को रोज सड़कों पर चलाने की अनुमति मिलेगी।
सम-विषम नहीं मानने पर लगेगा 2 हजार रुपए का जुर्माना
राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सम-विषम परिवहन नियमों का उल्लंघन करने वालों को दो हजार रुपये का जुर्माना अदा करना होगा, साथ ही उन्हें गुलाब का एक फूल दिया जाएगा। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को यह बात कही। उन्होंने कहा कि नियम के उल्लंघन के लिए लोगों को 2000 रुपये का जुर्माना अदा करना होगा, जबकि स्वयंसेवक उनकी गलती का अहसास कराने के लिए उन्हें गुलाब का फूल देंगे।
नियम में कुछ खामियां
इस नियम के दायरे में महिलाओं, बच्चों, विकलांगों और बीमार लोगों को शामिल नहीं किया गया है। यानी अगर आपकी गाड़ी में कोई महिला या विकलांग व्यक्ति सवार है तो आपको नहीं रोका जाएगा। वहीं अगर आप अपनी गाड़ी से किसी बीमार व्यक्ति को कहीं ले जा रहे हैं तो भी पुलिस वाले आपको नहीं रोकेंगे। हां यह अलग बात है कि कार में बैठे व्यक्ति की बीमारी को परखे जाने का कोई पैमाना नहीं है बल्कि केजरीवाल के मुताबिक यह सिर्फ कहने भर से ही मान लिया जाएगा, क्योंकि जनता ईमानदार होती है।
इस दौरान दिल्ली के स्कूल रहेंगे बंद
सम-विषम योजना लागू करने की प्रायोगिक अवधि के दौरान एक जनवरी से 15 दिन तक राष्ट्रीय राजधानी में स्कूलों को बंद रखने और स्कूल बसों को डीटीसी बेड़े के तहत चलाने का आदेश दिया। इस आदेश से शिक्षा का अधिकार कानून में वर्णित स्कूली दिनों की संख्या में कुछ अंतर आ सकता है लेकिन सरकार की राय है कि स्वास्थ्य के हित को और बच्चों की बेहतरी को देखते हुए इसमें लचीलापन हो सकता है। निदेशालय ने सभी सरकारी स्कूलों और गैर सहायताप्राप्त :मान्यताप्राप्त निजी स्कूलों को इस अवधि में छुट्टी घोषित करने का निर्देश दिया है।
दिल्ली में चलेंगी 6,000 अतिरिक्त बसें
सम-विषम फॉर्मूले के पहले चरण में 1-15 जनवरी के दौरान राजधानी की सड़कों पर छह हजार अतिरिक्त बसों को उतारने की घोषणा की गई है। इनमें से दो हजार बसें स्कूलों की होंगी। इन बसों में से 50 फीसदी सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। इसके साथ ही ऑटो की संख्या भी दोगुनी करने की बात कही गई है। सार्वजनिक सेवाओं के विस्तार के तहत रेलवे से ईएमयू की फेरे बढ़ाने पर भी बात हो रही है। गाड़ियों के प्रदूषण सर्टिफिकेट की जांच और मजबूत तरीके से की जाएगी।