1. You Are At:
  2. Hindi News
  3. भारत
  4. राष्ट्रीय
  5. दिशा रवि ने बनाया था व्हाट्सएप ग्रुप, ग्रेटा से साझा किया था 'टूलकिट': पुलिस

दिशा रवि ने बनाया था व्हाट्सएप ग्रुप, ग्रेटा से साझा किया था 'टूलकिट': पुलिस

दिल्ली पुलिस की साइबर क्राइम सेल द्वारा गिरफ्तार की गई दिशा रवि, 'टूलकिट' गूगल डॉक की संपादक हैं और दस्तावेज तैयार करने एवं इसके प्रसार में एक प्रमुख साजिशकर्ता हैं। उन्होंने व्हाट्सएप ग्रुप शुरू किया और दस्तावेज का मसौदा तैयार करने के लिए सहयोग किया।

IndiaTV Hindi Desk IndiaTV Hindi Desk
Updated on: February 14, 2021 23:42 IST
टूलकिट मामला: पुलिस ने एक्टिविस्ट दिशा रवि को लेकर खोले कई राज- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV टूलकिट मामला: पुलिस ने एक्टिविस्ट दिशा रवि को लेकर खोले कई राज

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की साइबर क्राइम सेल द्वारा गिरफ्तार की गई दिशा रवि, 'टूलकिट' गूगल डॉक की संपादक हैं और दस्तावेज तैयार करने एवं इसके प्रसार में एक प्रमुख साजिशकर्ता हैं। उन्होंने व्हाट्सएप ग्रुप शुरू किया और दस्तावेज का मसौदा तैयार करने के लिए सहयोग किया। दिल्ली पुलिस ने रविवार को इसकी जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि दिशा को पांच दिनों तक हिरासत में भेज दिया गया है। उसने अन्य लोगों के साथ मिलकर दस्तावेज का मसौदा तैयार किया। दिशा ने ही ग्रेटा थनबर्ग के साथ टूलकिट डॉक साझा किया था।

दिल्ली पुलिस के अनुसार जब दिशा को लगा कि इस टूलकिट में कई संवेदनशील चीजें हैं और वे पब्लिक डोमेन में आ गई हैं तो दिशा ने ग्रेटा थनबर्ग को इसे डिलीट करने को कहा। दिल्ली पुलिस ने ट्वीट कर दावा किया है कि दिशा रवि टूल किट की एडिटर है, वह इस दस्तावेज को तैयार करने और इसके प्रचार प्रसार में मुख्य साजिशकर्ता है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि उसने व्हाट्सएप ग्रुप को शुरू किया और टूलकिट को बनाने में सहयोग किया. दिल्ली पुलिस के मुताबिक दिशा रवि ने इस दस्तावेज को तैयार करने में अहम रोल अदा किया। दिल्ली पुलिस का दावा है कि ये सभी लोग खालिस्तानी समर्थन पोएिटक जस्टिस फाउंडेशन के साथ मिल गए ताकि भारतीय राज्य के खिलाफ असंतोष फैलाया जा सके।

सुनवाई के दौरान कोर्ट में रो पड़ी दिशा रवि

शनिवार को बेंगलुरु के सोलादेवनहल्ली इलाके से गिरफ्तार दिशा अदालत कक्ष में रो पड़ी और ड्यूटी मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट को बताया कि उसने 'टूलकिट' नहीं बनाई है। उसने 3 फरवरी को केवल दो लाइनें संपादित की। दिल्ली पुलिस का कहना है कि ये दिशा रवि ही थी जिन्होंने टूलकिट को ग्रेटा थनबर्ग के साथ शेयर किया था। दिल्ली पुलिस ने तीन ट्वीट के जरिए पूरी बात रखते हुए कहा कि जैसा कि दिशा ने बताया कि उन्होंने टूलकिट में केवल 2 लाइन एडिट की है, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है, बल्कि उन्होंने इस दस्तावेज को कई बार एडिट किया है।

टूलकिट मामला: कोर्ट ने एक्टिविस्ट दिशा रवि को 5 दिन की पुलिस रिमांड में भेजा, जानिए पूरा मामला

ऐसे सामने आया था टूलकिट का मामला

बहरहाल, दिल्ली पुलिस ने यह भी कहा कि आपत्तिजनक विवरण गलती से पब्लिक डोमेन में लीक हो जाने के बाद ग्रेटा से मुख्य दस्तावेज हटाने के लिए कहा गया था। यह दो पंक्तियों के संपादन से कहीं ज्यादा है, जिसका वह दावा करती है। पुलिस के अनुसार, किसानों के विरोध के दौरान की घटनाएं और 26 जनवरी को लालकिले के पास हिंसा- ये सारी घटनाएं ठीक उसी तरह से हुईं जैसे कि कथित तौर पर 'टूलकिट' में विस्तृत 'एक्शन प्लान' का जिक्र था।

दिल्ली पुलिस ने टूलकिट बनाने वालों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 124-ए, 120-ए और 153-ए के तहत राजद्रोह, आपराधिक षड्यंत्र और घृणा को बढ़ावा देने के आरोप में 4 फरवरी को एफआईआर दर्ज की थी। टूलकिट को अंतर्राष्ट्रीय जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग ने भी साझा किया था। इससे पहले, दिल्ली पुलिस ने गूगल और अन्य सोशल मीडिया कंपनियों से 'टूलकिट बनाने वालों से जुड़े ईमेल आईडी, डोमेन यूआरएल और कुछ सोशल मीडिया अकाउंट की जानकारी देने को कहा था। जलवायु परिवर्तन कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग और अन्य ने यह 'टूलकिट ट्विटर पर साझा की थी। बता दें कि, टूल किट में ट्विटर के जरिये किसी अभियान को ट्रेंड कराने से संबंधित दिशा-निर्देश और सामग्री होती है।

कोर्ट ने दिशा रवि को 5 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा

दिल्ली की एक अदालत ने रविवार को किसानों के विरोध से संबंधित 'टूलकिट' साझा करने के आरोप में गिरफ्तार 21 वर्षीया जलवायु कार्यकर्ता दिशा रवि को 5 दिनों के लिए पुलिस की स्पेशल सेल की हिरासत में भेज दिया। दिशा को दिल्ली पुलिस ने शनिवार को बेंगलुरु के सोलादेवनाहल्ली इलाके से गिरफ्तार किया था। वह 'फ्राइडे फॉर फ्यूचर' कैम्पेन के संस्थापकों में से एक हैं और कथित रूप से 'टूलकिट' को संपादित किया और इसे सोशल मीडिया पर फॉरवर्ड किया। उसे पहले दिल्ली में पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया।

पुलिस ने कोर्ट से कहा, सरकार के खिलाफ थी साजिश

दिल्ली पुलिस ने अदालत से कहा, "यह भारत सरकार के खिलाफ एक बड़ी साजिश है।" आरोपी अदालत कक्ष में टूट गई और उसने ड्यूटी मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट देव सरोहा को बताया कि उसने टूलकिट नहीं बनाया है। दिशा ने अपने बचाव में बोला है कि 'मैंने दो लाइन एडिट किया था, मैंने किसानों के सपोर्ट में किया था, जो अन्नदाता हैं। उनके आंदोलन से मैं प्रभावित थी। वो मुझे खाना और पानी देते हैं।' पुलिस ने कहा कि इस मामले में शांतनु और निकिता को और गिरफ्तार करना है।

खालिस्तानी ग्रुप जिंदा करने की थी साजिश- पुलिस

पुलिस ने आरोप लगाया है कि टूलकिट मामला खालिस्तानी ग्रुप को दुबारा खड़ा करने करने और भारत सरकार के खिलाफ एक बड़ी साजिश है। दिशा रवि पर आरोप लगाया है कि उन्होंने टूलकिट को एडिट किया है। पुलिस का कहना है कि इस साजिश में हजारों और लोग शामिल हैं। ये खालिस्तानी आतंकी गुरूपतवंत सिंह पन्नू से प्रभावित हैं। पुलिस ने आरोप लगाया है कि दिशा ने 3 फरवरी को टूलकिट एडिट किया है। उनका मोबाइल बरामद किया गया है लेकिन डेटा डिलीट कर दिया गया है। पुलिस का कहना है कि दिशा ने फोन का डाटा मिटा दिया है लेकिन इसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है ताकि डाटा को वापस लाया जा सके। शुरुआती पूछताछ में दिशा ने बताया है कि इसने टूलकिट में कुछ चीजें एडिट की और फिर उसमें कुछ चीजें जोड़ी थी और आगे बढ़ाया था, फिलहाल पूछताछ जारी है।

क्या है टूलकिट? 

दरअसल टूलकिट एक ऐसा दस्तावेज होता है जिसमें किसी मुद्दे की जानकारी देने के लिए और उससे जुड़े कदम उठाने के लिए इसमें विस्तृत सुझाव दिए गए होते हैं। आमतौर पर किसी बड़े अभियान या आंदोलन के दौरान उसमें हिस्सा लेने वाले वॉलंटियर्स को इसमें दिशानिर्देश दिए जाते हैं। टूलकिट का पहली बार जिक्र अमेरिका में किया गया था। टूलकिट चाइल्ड एक्टिविस्ट के तौर पर चर्चित रहीं ग्रेटा थनबर्ग के ट्वीट से चर्चा में आया था।

Click Mania