1. You Are At:
  2. Hindi News
  3. भारत
  4. राष्ट्रीय
  5. टूलकिट मामला: कोर्ट ने एक्टिविस्ट दिशा रवि को 5 दिन की पुलिस रिमांड में भेजा, जानिए पूरा मामला

टूलकिट मामला: कोर्ट ने एक्टिविस्ट दिशा रवि को 5 दिन की पुलिस रिमांड में भेजा, जानिए पूरा मामला

दिल्ली पुलिस साइबर सेल ने किसानों के विरोध से संबंधित ग्रेटा थनबर्ग टूलकिट केस में 21 वर्षीय जलवायु एक्टिविस्ट दिशा रवि को दिल्ली पुलिस ने रविवार को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया।

Atul Bhatia Atul Bhatia @atul_bhatia1
Updated on: February 14, 2021 17:07 IST
Activist Disha Ravi- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV Activist Disha Ravi

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस साइबर सेल ने किसानों के विरोध से संबंधित ग्रेटा थनबर्ग टूलकिट केस में 21 वर्षीय जलवायु एक्टिविस्ट दिशा रवि को दिल्ली पुलिस ने रविवार को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने दिशा रवि को 5 दिन की दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की हिरासत में भेज दिया। हालांकि, पुलिस ने अदालत से 7 दिनों की रिमांड मांगी थी। दिशा पर क्लाइमेट एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग की तरफ से शेयर की गई टूलकिट को एडिट करने और उसे फॉरवर्ड करने का आरोप है। 4 फरवरी को दिल्ली पुलिस ने टूलकिट को लेकर एक केस दर्ज किया था। 

शनिवार को बेंगलुरू से हुई गिरफ्तारी

आपको बता दें कि, किसानों के प्रदर्शन से जुड़ी 'टूलकिट' सोशल मीडिया पर साझा करने में संलिप्तता के आरोप में क्लाइमेट एक्टिविस्ट दिशा रवि को शनिवार को बेंगलुरू से गिरफ्तार किया गया है। दिशा 'फ्राइडे फॉर फ्यूचर' कैम्पेन के संस्थापकों में से एक है और उन्होंने कथित रूप से टूलकिट को संपादित किया और इसे सोशल मीडिया पर फॉरवर्ड किया। उसे शनिवार को बेंगलुरु के सोलादेवनहल्ली इलाके में उसके घर से पकड़ा गया।

टूलकिट मामले में 4 फरवरी को दर्ज की गई थी FIR

दिल्ली पुलिस ने टूलकिट को बनाने वालों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 124-ए, 120-ए और 153-ए के तहत राजद्रोह, आपराधिक षड्यंत्र और समूहों के बीच घृणा को बढ़ावा देने के आरोप में 4 फरवरी को एफआईआर दर्ज की थी। टूलकिट को क्लाइमेट एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग ने भी साझा किया था। पुलिस के अनुसार, 26 जनवरी के आसपास किसानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं, जिसमें लाल किले के पास हिंसा भी शामिल है, इन सबका टूलकिट में विस्तृत रूप से 'एक्शन प्लान' के तौर पर जिक्र है।

खालिस्तानी ग्रुप जिंदा करने की थी साजिश

पुलिस ने आरोप लगाया है कि टूलकिट मामला खालिस्तानी ग्रुप को दुबारा खड़ा करने करने और भारत सरकार के खिलाफ एक बड़ी साजिश है। पुलिस का कहना है कि इस साजिश में हजारों और लोग शामिल हैं, ये खालिस्तानी आतंकी गुरूपतवंत सिंह पन्नू से प्रभावित हैं। पुलिस ने आरोप लगाया है कि दिशा ने 3 फरवरी को टूलकिट एडिट किया है। उनका मोबाइल बरामद किया गया है लेकिन डेटा डिलीट कर दिया गया है।

2 और गिरफ्तारी हो सकती हैं

दिशा ने अपने बचाव में बोला कि 'मैंने 2 लाइन एडिट किया था। मैंने किसानों के सपोर्ट में किया था, जो अन्नदाता हैं, उनके आंदोलन से मैं प्रभावित थी। वो मुझे खाना और पानी देते हैं।' पुलिस ने कहा कि इस मामले में शांतनु और निकिता को और गिरफ्तार करना है। पुलिस ने कहा कि इसे बनाने वालों की मंशा विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक समूहों के बीच असहमति पैदा करने और केंद्र सरकार के खिलाफ असहमति को प्रोत्साहित करना था और इसका उद्देश्य भारत के खिलाफ सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक युद्ध छेड़ना है।

जानिए दिशा रवि के बारे में

दिशा साल 2018 में ग्लोबल क्लाइमेट स्ट्राइक मूवमेंट शुरू करने वाली संस्था फ्राइडे फॉर फ्यूचर इंडिया (FFF) की को-फाउंडर हैं। बता दें कि दिशा ने माउंट कॉलेज से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में ग्रेजुएशन किया है। वो फिलहाल गुड मिल्क कंपनी में कलीनरी एक्सपीरियंस मैनेजर हैं। दिशा के पिता एथलेटिक कोच हैं और उनकी मां गृहिणी हैं। किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान 26 जनवरी को लाल किले में हुई हिंसा हुई थी। किसान आंदोलन  में विदेशी हस्तियों के बीत हुए ट्वीट विवाद पर दिल्ली पुलिस ने टूलकिट को लेकर केस दर्ज किया था। टूलकिट मामले में अब दिशा रवि को गिरफ्तार किया गया है। साल 2018 में युवा क्लाइमेट एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग के स्वीडन के पार्लियामेंट के बाहर प्रदर्शन के बाद इसे काफी लोकप्रियता मिली।

Click Mania
Modi Us Visit 2021