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राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पोती पहुंचीं गाजीपुर बॉर्डर, किसानों ने बताई आगे की रणनीति

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Feb 13, 2021 09:36 pm IST,  Updated : Feb 13, 2021 11:44 pm IST

नए कृषि कानून के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन को और धार देने के लिए शनिवार को संयुक्त किसान मोर्चा के नेता गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे और आगे की रणनीति तय की। साथ ही शनिवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पोती और राष्ट्रीय गांधी संग्रहालय की अध्यक्ष तारा गांधी भट्टाचार्य गाजीपुर बॉर्डर पहुंचीं।

Tara Gandhi Bhattacharya, granddaughter of Mahatma Gandhi, with BKU spokesperson Rakesh Tikait at fa- India TV Hindi
Tara Gandhi Bhattacharya, granddaughter of Mahatma Gandhi, with BKU spokesperson Rakesh Tikait at farmers' protest site in Ghazipur on Saturday. Image Source : PTI

नई दिल्ली। नए कृषि कानून के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन को और धार देने के लिए शनिवार को संयुक्त किसान मोर्चा के नेता गाजीपुर बॉर्डर पर पहुंचे और आगे की रणनीति तय की। साथ ही शनिवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पोती और राष्ट्रीय गांधी संग्रहालय की अध्यक्ष तारा गांधी भट्टाचार्य गाजीपुर बॉर्डर पहुंचीं। तारा गांधी ने कहा कि किसान के हित में देश का हित है और हमारा हित है। तारा गांधी ने कहा कि कि इतने दिनों से चल रहा किसानों का आंदोलन अद्भुत है। इस वृद्ध अवस्था में वह यहां किसानों के लिए प्रार्थना करने आई हैं। वह चाहती हैं कि जो भी हो, किसानों का भला होना चाहिए।  

शनिवार को गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे किसान नेताओं ने एक बैठक की। बैठक के बाद सभी किसान नेता मंच पर पहुंचे और किसानों को संबोधित किया। गाजीपुर बॉर्डर के मंच से राकेश टिकैत के अलावा, किसान नेता दर्शन पाल, युद्धवीर सिंह और बलबीर सिंह राजेवाल के अलावा अन्य किसान नेता उपस्थित रहे। इस दौरान महाराज सूरजमल की जयंती मनाई और विद्वान कार्यकर्ता प्रोफेसर एमडी नानजुंदस्वामी को भी याद किया। 

गणतंत्र दिवस में हुई घटनाओं की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच की मांग

किसान नेताओं ने संवाददाता सम्मेलन में शनिवार को कहा कि दिल्ली में 26 जनवरी को हुई घटनाओं की हम उच्चस्तरीय न्यायिक जांच की मांग करते हैं। 26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड में शामिल हुए 16 किसान अब भी लापता। कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा ने आरोप लगाया है कि किसानों को फर्जी मामलों में फंसाया जा रहा है, उनका उत्पीड़न किया जा रहा है। 

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संयुक्त किसान मोर्चा पूरी तरह से एकजुट- राकेश टिकैत

किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा पूरी तरह से एकजुट है। 23 फरवरी तक के कार्यक्रम निर्धारित हैं, जिन पर हम काम कर रहे हैं। आंदोलन पूरी मजबूती से चलता रहेगा, हम अपनी रणनीति बना रहे हैं। किसानों को हताश होने की जरूरत नहीं है। किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि भारत सरकार झूठ बोलकर सारे देश को गुमराह कर रही है। सरकार कह रही है कि हमें बताया नहीं जा रहा कि इन क़ानूनों में काला क्या है। सरकार के साथ 11 बैठक करके 3 बार एक-एक क्लॉज पर बता चुके हैं कि इनमें काला क्या है।

रविवार को पुलवामा के शहीदों को दी जाएगी श्रद्धांजलि

गाजीपुर बॉर्डर के मंच से किसान नेता दर्शनपाल ने कहा कि, "इस आंदोलन के समर्थन में पूरा देश है। यदि आंदोलन इसी तरह तेज रहा तो, कुछ जिलों में जिस तरह टोल फ्री हुए हैं, उसी तरह यूपी के टोल भी फ्री कराए जाएंगे।" "रविवार को पुलवामा में शहीद हुए जवानों और अब तक किसान आंदोलन में शहीद हुए किसानों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। 16 फरवरी को किसान मसीहा छोटूराम की जयंती के दिन देशभर में किसान एकजुटता दिखाएंगे। वहीं 18 फरवरी को दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक देशभर में रेल रोको कार्यक्रम किया जाएगा।"

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ये घाव मिटने नहीं चाहिए- बलवीर सिंह राजेवाल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किसानों के लिए इस्तेमाल किये शब्दों पर किसान नेता बलवीर सिंह राजेवाल ने किसानों को सम्बोधित करते हुए कहा कि, "प्रधानमंत्री के मुंह से निकला एक-एक शब्द समझते हैं। आज तक किसी भी प्रधानमंत्री की मुंह से इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया गया।" उन्होंने बॉर्डर पर बैठे किसानों से आह्वान किया कि "किसान अपनी खुद की लड़ाई को भी कभी नहीं भूलता पुश्तों तक याद रखी जाती है उसी तरह इसे भी न भूलें। ये घाव मिटने नहीं चाहिए। आपके गांव में कोई भी बीजेपी का व्यक्ति या नेता आये तो प्रधानमंत्री के शब्दों को याद दिलाएं।"

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सरकार को दी चेतावनी

बलवीर सिंह राजेवाल ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि, "सरकार समझ जाए यदि हमने गुस्से में कोई फैसला ले लिया तो सब भूखे मर जाएंगे। जिस तरह 26 जनवरी को ट्रैक्टर लेकर दिल्ली में घुसे, उसी तरह पैदल दिल्ली में घुस गए तो जगह नहीं बचेगी पैर रखने की।" बता दें कि, टीकरी बॉर्डर पर नए कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का प्रदर्शन जारी है। 

हरियाणा के सीएम ने गृहमंत्री अमित शाह से की मुलाकात

गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद हरियाणा CM मनोहर लाल खट्टर ने शनिवार को कहा कि किसान आंदोलन पर भी चर्चा हुई है, किसी को भी सार्वजनिक संपत्ति का नुकसान करने का अधिकार नहीं है, हम इससे संबंधित क़ानून लेकर आ रहे हैं। 

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