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स्क्रीन टाइम बन रहा है साइलेंट किलर, बढ़ रहा है हार्ट की बीमारियों का खतरा, क्या है नई रिसर्च

Written By: Bharti Singh Published : May 01, 2024 11:49 am IST, Updated : May 01, 2024 11:49 am IST

बढ़ता स्क्रीन टाइम मुसीबत का सबब बनता जा रहा है। घंटों फोन, टीवी और लैपटॉप पर बिताने वाले लोग कई तरह की बीमारियों की गिरफ्त में आ रहे हैं। अब एक नई रिसर्च में पता चला है कि ज्यादा स्क्रीन पर समय बिताना दिल के लिए खतरनाक है।

स्क्रीन टाइम से हार्ट पर असर- India TV Hindi
Image Source : FREEPIK स्क्रीन टाइम से हार्ट पर असर

ये सच है कि वक्त हर जख्म को भर देता है, लेकिन कई बार कुछ जख्म नासूर बनकर जिंदगी को तबाह कर देते हैं।अब 'स्क्रीन टाइम' को ही ले लीजिए। आपको भी पता होगा इसके कितने खतरे हैं और सेहत को इससे कितना नुकसान पहुंचता है। ज्यादा स्क्रीन टाइम से नजर कमजोर होती है। मेंटल प्रेशर बढ़ता है और ग्रोथ भी अफेक्ट होती है। ये साइड इफेक्ट्स लाइफ थ्रेटनिंग नहीं हैं, लेकिन अब रिसर्च में जो सबसे बड़ा खतरा सामने आया है अगर उससे ना बचा गया,तो जान पर भी बन सकती है। जानिए 'स्क्रीन टाइम' से जुड़ा हुआ ये कौन सा नया खतरा है ?

ये खतरा है दिल को अपनी गिरफ्त में लेने वाली एक खतरनाक बीमारी 'एट्रियल फिब्रिलेशन' का, इसे 'साइलेंट किलर' का नाम दिया गया है। लखनऊ पीजीआई के कार्डियोलॉजी विभाग के सर्वे के मुताबित, लोग जिस तरह घंटों स्क्रीन पर काम करते हैं। घर की जगह बाहर का खाना खाते हैं। हमेशा वर्कप्रेशर महसूस करते हैं। इससे उनका दिल कमजोर होने लगता है। जिसका उन्हें अंदाजा भी नहीं होता और कोई लक्षण भी नजर नहीं आते।

दिल को कमजोर बना रहा है स्क्रीन टाइम

हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक एक नॉर्मल और हेल्दी हार्ट में 'इलेक्ट्रिक सिग्नल' धड़कनों को कंट्रोल करते हैं लेकिन जब ये इलेक्ट्रिक संकेत बिगड़ जाते हैं तब दिल का ऊपरी हिस्सा सिकुड़ने के बजाय कांपने लगता है। इससे धड़कनों की रफ्तार बिगड़ जाती है। PGI लखनऊ की स्टडी के मुताबिक 30 से 40 साल के युवाओं में ये परेशानी तेजी से बढ़ रही है। 

युवाओं के हार्ट में बढ़ रही है ब्लॉकेज

इतना ही नहीं हार्ट की आर्टरीज में 6 से 8 सेंटीमीटर की ब्लॉकेज मिल रही है। जबकि पांच साल पहले तक ये ब्लॉकेज 1 से 2 सेंटीमीटर की होती थी। घबराने वाली बात ये है कि 70% दिल के मरीजों में ब्लॉकेज की परेशानी दिख रही है। हार्ट में बढ़ती ब्लॉकेज चिंताजनक है। इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ता है। 

क्यों कम कमजोर हो रहा है दिल?

  • टारगेट का प्रेशर
  • कंप्यूटर और लैपटॉप पर घंटों काम करना
  • पैकेट बंद मार्केट का खाना
  • फिजिकल एक्टिविटी कम होना

कैसे करें बचाव?

  • बीपी के मरीज नियमित रूप से दवा खाएं
  • रोजाना 30 मिनट का कोई भी व्यायाम करें
  • तला भुना ज्यादा न खाएं
  • पिज्जा बर्गर और जंक फूड से दूर रहें
  • काम का प्रेशर कम रखें
  • तनाव कम से कम लें

 

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