कोलकाता: उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश अशोक गांगुली ने संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरू को 2013 में फांसी देने के तरीके पर आज संदेह जताया।
उन्होंने कहा, फांसी दिए जाने के तरीके पर मैं पूर्व न्यायाधीश के तौर पर बोल रहा हूं उसकी दया याचिका तीन फरवरी को खारिज कर दी गई और फांसी नौ फरवरी को हुई। उन्होंने कहा कि यह गलत है। उसके पास इसे चुनौती देने का अधिकार था।
परिवार का अधिकार था कि उन्हें इस बारे में सूचना दी जाती।