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छ्त्तीसगढ़: आउटसोर्सिंग के माध्यम से शिक्षकों की भर्ती, विपक्ष का वॉकआउट

 Written By: Bhasha
 Published : Jul 15, 2016 07:32 am IST,  Updated : Jul 15, 2016 07:32 am IST

रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज राज्य के मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने बस्तर और सरगुजा संभाग में आउटसोर्सिंग के माध्यम से शिक्षकों की भर्ती को लेकर सदन से बहिर्गमन किया। विधानसभा में आज कांग्रेस के

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रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज राज्य के मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने बस्तर और सरगुजा संभाग में आउटसोर्सिंग के माध्यम से शिक्षकों की भर्ती को लेकर सदन से बहिर्गमन किया। विधानसभा में आज कांग्रेस के विधायक बृहस्पत सिंह ने राज्य के सरगुजा और बस्तर संभाग में आउटसोर्सिंग के माध्यम से शिक्षकों की भर्ती को लेकर सवाल किया। उन्होंने पूछा कि सरगुजा और बस्तर संभाग में कंपनियों के माध्यम से कितने विज्ञापित पदों पर भर्ती की गई है।

जवाब में शिक्षामंत्री केदार कश्यप ने बताया कि सरगुजा और बस्तर संभाग में शिक्षकों की कमी को देखते हुए आउट सोर्सिंग के माध्यम से शिक्षकों की भर्ती के लिए निविदा जारी नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि योग्य शिक्षकों की भर्ती के लिए शिक्षा मितान की भर्ती की जा रही है। जिससे इन क्षेत्रों के बच्चे भौतिकी, गणित, रसायन सहित अन्य विषयों का अध्ययन कर सकें।

कश्यप ने बताया कि वर्तमान में कक्षा नौवीं से 12 वीं तक के लिए शिक्षकों के पद रिक्त हैं इसलिए सरकार ने इन शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए शिक्षा मितान के नाम से भर्ती की है। इनमें कुल 1468 शिक्षक भर्ती किए गए हैं। जिनमें से 43 शिक्षक ही बाहर के हैं।

विधानसभा में विपक्ष के नेता टीएस सिंहदेव ने इस भर्ती का विरोध करते हुए कहा कि यह शासन की मूल नीति के विरू है। स्थानीय लोगों को रोजगार देना चाहिए जिन्हें स्थानीय बोली एवं भाषा का ग्यान हो। सिंहदेव ने कहा कि पंचायत विभाग को भी दिशा निर्देश देना चाहिए कि इस संबंध में कार्रवाई की जाए।

वहीं छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भूपेश बघेल ने कहा कि आउट सोर्सिंग के माध्यम से सरकार स्थानीय बेरोजगारों का अहित कर रही है तथा राज्य में बाहरी लोगों को नियुक्ति दी जा रही है जो स्थानीय शिक्षित बेरोजगारों का अपमान है। मंत्री कश्यप ने कहा कि यह अस्थायी व्यवस्था है जल्द ही शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। लेकिन विपक्ष के सदस्य मंत्री के जवाब से संतुष्ट नहीं हुए और सदन से बहिर्गमन कर गए।

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