नई दिल्ली: गुरुवार से शुरू होने जा रहे संसद के शीतकालीन सत्र में विपक्षी दल असहिष्णुता के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में हैं जबकि सत्ता पक्ष जीएसटी विधेयक को पारित कराने पर ध्यान केंद्रित करते हुए सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए अपनी इच्छा जता चुका है। वहीं राहुल गांधी ने आज आरोप लगाया कि बीजेपी ने जीएसटी बिल को तीन साल से रोके रखा है। वहीं उन्होंने पीएम मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि सूट-बूट की सरकार विफल हो रही है और रोजगार का सृजन नहीं हो रहा है।
विपक्ष अपने आक्रामक तेवर अगले सोमवार से जाहिर करेगा जब सरकार संविधान और इसके निर्माता बी आर अंबेडकर पर उनकी 125वीं जयंती के अवसर चर्चा के लिए दो दिन की विशेष बैठक के बाद अपने विधायी कामकाज का एजेंडा सदन में रखेगी। सरकार ने आज सर्वदलीय बैठक बुलाई है। भाजपा संसदीय दल की कार्यकारणी और राजग के घटकों की आज प्रधानमंत्री के आवास पर बैठक होगी। इससे पहले सर्वदलीय बैठक होगी जो लोकसभा अध्यक्ष ने बुलाई है।
सत्र में विरोध के संकेतों के बीच वरिष्ठ मंत्रियों ने कल सदन में समन्वय के लिए रणनीति तैयार की और विचार विमर्श किया जबकि कांग्रेस, जदयू और माकपा जैसे दलों ने अपने इरादे साफ करते हुए असहिष्णुता के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए नोटिस देने का फैसला किया है। ये दल सुधार के एक प्रमुख कदम जीएसटी पर भी सरकार को निशाने पर लेंगे।
बेंगलुरु के एक कॉलेज में राहुल गांधी ने जीएसटी पर अपने विचार रखे।
क्या क्या बोले राहुल-
- हम ऐसा GST चाहते हैं जो देश के लिए ठीक हो और देश के लिए लाभदायी हो।
- बीजेपी ने तीन सालों से जीएसटी को रोक रखा है, हम सबने कहा है कि हम एक-दो चीजें बदलना चाहते हैं।
- सूट बूट की सरकार विफल हो रही है, देश में रोजगार का सृजन नहीं हो रहा है।
- प्रधानमंत्री सोचते हैं कि देश को सिर्फ पीएमओ द्वारा बदला जा सकता है, एक व्यक्ति सिर्फ पूरे देश को नहीं बदल सकता है।
- विकास का लाभ गरीबों को मिलना चाहिए।
- भारत को लेकर मेरा दृष्टिकोण यह जानना है कि भारत के लोग क्या चाहते हैं।
- इस देश की सबसे बड़ी समस्या है कि महिलाओं को उनका उचित स्थान नहीं मिला है।