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PF के नए नियमों पर बेंगलुरु में बवाल, सरकार ने 31 जुलाई तक टाला फैसला

 Written By: Bhasha
 Published : Apr 19, 2016 05:25 pm IST,  Updated : Apr 19, 2016 09:53 pm IST

नई दिल्ली: सरकार ने श्रमिक संगठनों के विरोध को देखते हुए भविष्य निधि में से नियोक्ता के योगदान की निकासी पर कर्मचारी के 58 साल पूरे होने तक रोक के फैसले पर अमल तीन महीने

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bangluru Image Source : PTI

नई दिल्ली: सरकार ने श्रमिक संगठनों के विरोध को देखते हुए भविष्य निधि में से नियोक्ता के योगदान की निकासी पर कर्मचारी के 58 साल पूरे होने तक रोक के फैसले पर अमल तीन महीने के लिये और टाल दिया है। इससे अंशधारक यदि दो महीने से अधिक समय तक बेरोजगार रहता है तो 31 जुलाई तक वह भविष्य निधि से पूरा पैसा निकाल सकेगा।

श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय ने आज संवाददाताओं से कहा, अधिसूचना (भविष्य निधि निकासी नियमों को सख्त बनाने से जुड़ी) लागू किये जाने पर 31 जुलाई 2016 तक के लिये रोक लगायी जा रही है। हम संबद्ध पक्षों के साथ इस बारे में चर्चा करेंगे।

भविष्य निधि में से नियोक्ताओं के योगदान की निकासी पर पाबंदी को लेकर श्रमिक संगठनों के देश के विभिन्न भागों में विरोध प्रदर्शन के बीच मंत्री ने यह घोषणा की है। इस निर्णय के खिलाफ ऑनलाइन अभियान भी चलाया गया। इसे 10 फरवरी से लागू किया जाना था लेकिन विरोध को देखते हुए इसे 30 अप्रैल तक टाल दिया गया। ईपीएफ कानून में संशोधन के खिलाफ विरोध कर रहे कपड़ा फैक्टरी में काम करने वाले कर्मचारियों पर कल पुलिस ने लाठीचार्ज किया।

बता दें कि केंद्र सरकार के पीएफ निकासी के नए नियमों के खिलाफ बेंगलुरू में आज भी जमकर हंगामा हुआ। कपड़ा फैक्ट्रियों के कर्मचारियों ने आज बैंगलोर में बड़ी आगजनी की। कई कारों को आग के हवाले कर दिया और पूरे सड़क पर जैसे कोहराम मच गया। हजारों प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर जमकर तोड़फोड़ की। आज भी ये प्रदर्शन इस कदर हिंसक हुआ कि प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को आज फिर लाठीचार्ज करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों की पुलिसकर्मियों से भी तीखी नोकझोंक हुई। इस दौरान कई लोग घायल भी हुए।

दत्तात्रेय ने कहा कि केंद्रीय न्यासी बोर्ड की बैठक बुलायी जाएगी ताकि इस बात पर विचार किया जा सके कि ईपीएफ में नियोक्ताओं के योगदान (मूल वेतन का 3.67 प्रतिशत) का कर्मचारियों के लिये कैसे बेहतर तरीके से उपयोग किया जा सकता है। श्रम मंत्रालय कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के पास जमा पूरी राशि को मकान खरीदने, गंभीर बीमारी, शादी तथा बच्चों की पेशेवर शिक्षा जैसे कार्यों के लिए अंशधारकों को निकालने की अनुमति देने पर विचार कर रहा है। मामले को मंजूरी के लिये कानून मंत्रालय के पास भेजा गया है।

साथ ही अगर अंशधारक केंद्र या राज्य सरकार के प्रतिष्ठान से जुड़ता है और योगदान वाले भविष्य निधि या पेंशन योजना से जुड़ते हैं तो उन्हें भविष्य निधि से पूरी राशि निकालने की अनुमति होगी। यूनियन पीएफ निकासी नियमों को कड़ा किये जाने के फैसले को पूरी तरह से वापस लिये जाने की मांग कर रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि फरवरी में मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर अंशधारकों के दो महीने से अधिक बेरोजगार होने पर भविष्य निधि से 100 प्रतिशत निकासी पर प्रतिबंध लगा दिया था। श्रम मंत्रालय के बयान के अनुसार ट्रेड यूनियनों तथा अन्य संबद्ध पक्षों की चिंताओं को देखते हुए मंत्रालय ने अधिसूचना 30 अप्रैल तक स्थगित रखने का निर्णय किया। अब इसे 31 जुलाई तक के लिये टाल दिया गया है।

अब वैसे ईपीएफओ अंशधारक जो दो महीने से अधिक समय तक बेरोजगार हैं, वे जुलाई तक भविष्य निधि में जमा पूरी राशि निकालने के लिये आवेदन दे सकते हैं। बयान में कहा गया है, श्रम मंत्रालय के निर्देश पर उक्त प्रावधान अब एक अगस्त 2016 से प्रभाव में आएगा और इसके लिये संशोधित अधिसूचना जारी की जाएगी।

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