राजकोट: राजकोट में हुए भारत-दक्षिण अफ्रीका के बीच वनडे मैच से पहले जिला पुलिस ने पटेल आरक्षण आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल को हिरासत में लिया था और देर रात तक रिहा नहीं किया गया। साथ ही पुलिस हार्दिक के खिलाफ तिरंगे के अपमान के संबंध में FIR दर्ज की गई है। पटेल ने मैच बाधित करने की धमकी दी थी।
हार्दिक को हिरासत में लिए जाने के कारण गुजरात में कुछ स्थानों पर छिटपुट प्रदर्शन हुए। मोर्बी जिले में राज्य परिवहन निगम की एक बस को आग के हवाले कर दिया गया। सूरत से गुजरने वाली राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या आठ को समुदाय के नेताओं ने अवरूद्ध कर दिया।
हार्दिक और उनके चार करीबी सहयोगियों को पुलिस ने दोपहर करीब 1:40 बजे स्टेडियम के पास मधापर से गिरफ्तार किया।
राजकोट के पुलिस अधीक्षक गगनदीप गंभीर उन्हें शहर के बाहर घंटेश्वर इलाके में स्थित एसआरपी मुख्यालय ले गए।
उससे कुछ ही पल पहले हार्दिक पे मीडिया से कहा था, वह सिर्फ दर्शक की तरह मैच देखना चाहते थे। पुलिस अधीक्षक गंभीर ने यह बात नहीं सुनी।
गंभीर ने कहा, मैं विश्वास नहीं कर सकता कि हार्दिक मैच के दौरान शांति से बैठेंगे और कुछ नहीं करेंगे। उन्होंने पहले ही विभिन्न तरीकों से
मैच बाधित करने की धमकी दी है। हमें पूरा यकीन है कि यदि उन्हें स्टेडियम में जाने दिया गया होता तो वह कुछ गड़बड़ जरूर करते। इसलिए हमने उन्हें हिरासत में लिया है।
गंभीर ने यह भी कहा कि पुलिस हार्दिक के खिलाफ तिरंगे के अपमान के संबंध में FIR दर्ज करेगी। अधिकारी के अनुसार, हार्दिक का पैर तिरंगे से लगा था।
इस बीच, भरूच में मौजूद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल ने आज पटेल समुदाय सहित आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के लोगों के लिए आरक्षण का समर्थन किया।
दूसरी ओर पटेल आंदोलन के विरोध में आंदोलन चला रहे ओबीसी नेता अल्पेश ठाकुर ने सरकार को अल्टीमेटम दिया है कि 15 दिनों में पटेल आंदोलन समाप्त नहीं होने पर वे जेल-भरो आंदोलन शुरू करेंगे।