1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. ऑड-ईवन वो गोली जो लगे कड़वी लेकिन करे फ़ायदा, जाने कैसे

ऑड-ईवन वो गोली जो लगे कड़वी लेकिन करे फ़ायदा, जाने कैसे

 Written By: India TV News Desk
 Published : Apr 15, 2016 05:06 pm IST,  Updated : Apr 15, 2016 05:10 pm IST

नई दिल्ली: दिल्‍ली में पहली बार जनवरी में जब ऑड-ईवन मुहिम शुरु की गई तो इसकी कामयाबी को लेकर न सिर्फ शंकाएं थी बल्कि शुरु में तो काफी लोगों ने इसकी खूब आलोचना भी की

delhi-traffic- India TV Hindi
delhi-traffic

नई दिल्ली: दिल्‍ली में पहली बार जनवरी में जब ऑड-ईवन मुहिम शुरु की गई तो इसकी कामयाबी को लेकर न सिर्फ शंकाएं थी बल्कि शुरु में तो काफी लोगों ने इसकी खूब आलोचना भी की थी लेकिन मुहिम शुरु होने के बाद जो नतीजे सामने आए उसे देखकर लोग इसे कुनैन की गोली मानकर निगल गए क्योंकि इसका लाभ ही हुआ।

दिल्ली में ये मुहिम 25 अप्रैल से फिर लागू हो गई है जो 30 अप्रैल तक चलेगी। इस योजना की शुरुआत दिल्ली में प्रदूषण के खतरनाक स्तर तक पहुंच जाने के कारण की गई थी। उस समय अलग-अलग सर्वे आए थे, जिनमें प्रदूषण के स्तर को लेकर अलग-अलग दावे किए गए थे।

बहरहाल सर्वे कुछ भी कहें लेकिन इस मुहिम कुछ ऐसे फायदे हैं जिन्हें आप चाहकर भी नकार नहीं सकते।

तेल का खेल

oil_well
oil_well

तेल के कुओं में अंधेरा झांकने लगा है और वक्त के साथ-साथ ये अंधेरा और गहराता जाएगा यानी कभी न कभी ये कुएं सूख ही जाएंगे। यही वजह है कि न सिर्फ़ सरकार बल्कि तेल कंपनियां भी ईंधन की बचत के लिए मुहिम चलाती रहती हैं। ऑड-ईवन लागू होने से सड़क पर गाड़ियों की संख्या लगभग आधी हो जाती है और आधी नहीं भी हो तो भी अपेक्षाकृत काफी कम तो हो ही जाती है। ऐसे में दिनभर में ईंधन की खपत आम दिनों (जब सभी गाड़ियां सड़क पर होती हैं) की अपेक्षा काफी कम हो जाती है। यदि आंकड़ों पर गौर करें, तो दिल्ली में लगभग 12 लाख निजी गाड़ियां हैं, जिनमें से आधे पर ऑड-ईवन लागू होता है। यदि हम आम दिनों में दिनभर में 12 लाख लीटर ईंधन खर्च कर रहें हैं, तो ऑड-ईवन लागू होने पर यह लगभग आधा हो जाएगा। अब कल्पना कीजिए कि आपकी जेब में कितना पैसा बचा...?

जेब में सुनाई देती है पैसे की खनक

odd-even
odd-even

हो सकता है आपको लगे कि भला ऑड-ईवन से पैसे की बचत कैसे हो सकती है। लेकिन हम आपको बताते हैं कि यह कैसे आपके पैसों की भी बचत कर सकता है। अब जरा सोचिए कि ऑड-ईवन लागू होने पर आप ऑफिस कैसे जाएंगे। या तो मेट्रो से या कार पूल के द्वारा। यदि आप मेट्रो से यात्रा करते हैं, तो आपके प्रतिदिन के पेट्रोल-डीजल के खर्च की तुलना में वह सस्ती पड़ती है, वहीं यदि आप कार पूल का सहारा लेते हैं, तो मान लीजिए कि एक कार में ऐसे 5 लोग यात्रा करते हैं, जो पहले 5 अलग-अलग कारों से जाते थे। अब यदि एक कार का प्रतिदिन का ख़र्च 300 रुपए है, तो 5 कारों का ख़र्च 1500 रुपए प्रतिदिन होगा। अब अगर इस ख़र्चे का माहवार हिसाब लगाया जाए तो जो 5 लोग अलग-अलग कारों पर 1500 रुपए रोज़ाना ख़र्च कर रहे थे, वह एक साथ सिर्फ़ 300 रुपए हर दिन ख़र्च करके ऑफिस पहुंच सकते हैं। तो सुनाई दी न आपको जेब में पैसे की खनक।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत