नई दिल्ली: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने आज श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर से अपने संचार उपग्रह जीसैट-7ए को लॉन्च कर दिया। आज दोपहर 2 बजकर 10 मिनट पर इसकी उल्टी गिनती शुरू हो गई थी। 2,250 किलोग्राम वजनी जीसैट-7ए उपग्रह को लेकर जाने वाला रॉकेट लॉन्चर जीएसएलवी-एफ11 शाम चार बजकर 10 मिनट पर श्रीहरिकोटा के स्पेसपोर्ट के दूसरे लांच पैड से लॉन्च किया गया।
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इसरो ने अपने बयान में कहा था कि अंतरिक्ष एजेंसी ने एक बयान में कहा कि उसके द्वारा तैयार जीसैट-7ए भारतीय क्षेत्र में केयू बैंड में उपयोगकर्ताओं को संचार क्षमता प्रदान करेगा। इस मिशन की अवधि आठ साल होगी।
बताया जा रहा है कि यह उपग्रह भारतीय वायुसेना के लिए बहुत खास है। जैसे ही यह उपग्रह जियो ऑरबिट में पहुंचेगा इस कम्यूनिकेशन उपग्रह के जरिए भारतीय वायुसेना के सभी अलग-अलग ग्राउंड रेडार स्टेशन, एयरबेस और AWACS आपस में इंटरलिंक हो जाएंगे। इससे नेटवर्क आधारित वायुसेना की लड़ने की क्षमता में कई गुणा बढ़ोतरी होगी।
इस उपग्रह की लागत 500-800 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इसमें 4 सोलर पैनल लगाए गए हैं जिनके जरिए करीब 3.3 किलोवाट बिजली पैदा की जा सकती है। इसके साथ ही इसमें कक्षा में आगे-पीछे जाने या ऊपर जाने के लिए बाई-प्रोपेलैंट का केमिकल प्रोपल्शन सिस्टम भी दिया गया है।