जम्मू: जम्मू विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर आर.डी. शर्मा ने यह कहकर विवाद पैदा कर दिया कि अगर हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकवादी बुरहान वानी को मारने के बजाय जेल में रखा जाता तो यह बेहतर होता।
शर्मा ने कल यहां एक कार्यक्रम में संवाददाताओं से कहा, अगर हम बुरहान को पूरी जिंदगी जेल में रखते, तो यह उसे मारने से बेहतर होता। मुझे ऐसा लगता है। एक आतंकवादी को मारना ठीक है और जो मारते हैं और तबाही मचाते हैं उन्हें मारा जाना चाहिए। कश्मीर की समस्या यह है कि लोग अब भी आतंकवाद के साथ हैं... हमें इसे समझने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आतंकवादी को मारकर मुद्दा पैदा किया गया।
15 साल की उम्र में आतंकी बन गया था बुरहान
बुरहान वानी को हिजबुल का पोस्टर ब्वाय कहा जाता था। त्राल का रहने वाला बुरहान वनी 15 साल की उम्र में आतंकी बन गया था। बुरहान पर दस लाख का इनाम भी था। कश्मीर के आतंकवादियों में बुरहान वानी सोशल मीडिया में सबसे ज्यादा एक्टिव था। वो हर महीने अपने नए वीडिय़ो, नई तस्वीरें सोशल मीडिया पर डालता था। सोशल मीडिया के जरिए प्रोपगेंडा चलाता था।