हरियाणा: जाट आरक्षण आंदोलन की आग में जलते हरयाणा और जान-माल के नुकसान के लिए सारकार भले ही मुआवजा रही हो पर दिनो-दिन इस हिंसा के अलग-अलग रूप सामने आ रहे हैं। एक अंग्रेजी आखबार में छपी खबर के मुताबिक, सोनीपत के मुरथल के पास नेशनल हाईवे-1 सोमवार को लगे जाम के दौरान महिलाओं के साथ गैंगरेप हुआ है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने भी इस घटना पर खुद संज्ञान लिया है और इसे शर्मनाक बताया है। गैंगरेप का मामला सामने आते ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
हरियाणा एंड पंजाब हाईकोर्ट के जस्टिस संघी ने सीजेआई को पत्र लिख कर प्रदर्शन के दौरान गैंगरेप जैसी घटनाएं सामने आने को शर्मनाक बताया है।
हालंकि, हरियाणा के डीजीपी ने गैंगरेप की घटना को अफवाह बताते हुए नकारा है। जिला प्रशासन पर आरोप लगये गए हैं कि उसने पीड़ितों और उनके परिवारों को ‘अपने सम्मान की खातिर’ रिपोर्ट दर्ज न कराने को कहा।
यह भी कहा जा रहा है कि 30 से अधिक बदमाशों ने एनसीआर की तरफ जाने वालों को रोका, उनके वाहनों को आग लगाई। कई लोग जान बचाकर भागे, लेकिन कुछ महिलाएं नहीं भाग पाईं। उनके कपड़े फाड़ दिए गये और उनके साथ बलात्कार किया गया। इस खौफनाक वारदात की पीड़ित महिलाएं तब तक खेतों में पड़ी रहीं जब तक कि उनके पुरुष रिश्तेदार और गांव हसनपुर और कुराड के लोग कपड़े और कंबल लेकर नहीं आ गए।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ मामला:
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे मैसेज के मुताबिक़ सोमवार सुबह कुछ गाड़ियों को रोका गया। उनमें सवार महिलाओं के साथ गैंगरेप किया गया। ये भी दावा किया गया है कि 10 महिलाओं का यौन शोषण कर उन्हें खेतों में छोड़ दिया गया।
जिला प्रशासन पर आरोप लगये गए हैं कि उसने पीड़ितों और उनके परिवारों को ‘अपने सम्मान की खातिर’ रिपोर्ट दर्ज न कराने को कहा। यह भी कहा जा रहा है कि 30 से अधिक बदमाशों ने एनसीआर की तरफ जाने वालों को रोका, उनके वाहनों को आग लगाई। कई लोग जान बचाकर भागे, लेकिन कुछ महिलाएं नहीं भाग पाईं। उनके कपड़े फाड़ दिए गये और उनके साथ बलात्कार किया गया। इस खौफनाक वारदात की पीड़ित महिलाएं तब तक खेतों में पड़ी रहीं जब तक कि उनके पुरुष रिश्तेदार और गांव हसनपुर और कुराड के लोग कपड़े और कंबल लेकर नहीं आ गए।
पुलिस ने भी इस पर कोई कार्रवाई न करते हुए पीड़ितों को घर लौट जाने को कहा।