
कर्म महान तो व्यक्ति महान-
आचार्य का कहना था कि हमे व्यक्ति के कर्मों का भी अवलोकन करना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति गलत तरीके से पैसा कमाता है या अधार्मिक काम करता है तो उन लोगों से दूरी बनाए रखना ही बेहतर होता है। गलत काम करने वाला इंसान अपने आसपास रहने वाले लोगों पर भी बुरा असर डालता है। चाणक्य ने बताया है कि ऐसे लोगों की मित्रता के कारण हम भी मुश्किलों में आ सकते हैं।