नई दिल्ली: राजधानी में ढाई और पांच वर्षीय बच्ची के साथ बलात्कार की घटना के बाद आज दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जूवेनाइल की उम्र कम कर 15 साल करने की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में अपराधी को सख्त से सख्त सजा तय करने के लिए मंत्रियों का एक पैनल गठित किया जाएगा। यह पैनल 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगा और इसकी अध्यक्षता उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया करेंगे। गौरतलब है कि केजरीवाल बच्चियों के साथ बलात्कार की घटनाओं के बाद से ही केंद्र को निशाना बना रहे हैं और उन्होंने यह भी मांग की थी कि दिल्ली पुलिस कम से कम एक साल के लिए दिल्ली सरकार के हवाले की जानी चाहिए।
केजरीवाल ने गठित किया जीओएम-
दिल्ली सरकार ने एक मंत्रिसमूह का गठन किया है जो यह देखेगा कि क्या नाबालिगों से बलात्कार के दोषियों के लिए मौत या उम्रकैद की सजा सुनिश्चित करने और इस तरह के मामलों में दोषी नाबालिगों की आयु सीमा में कमी करने के लिए मौजूदा कानून में संशोधन किया जा सकता है। समूह विशेष पुलिस थानों की स्थापना की संभावना भी तलाशेगा। मंत्रिसमूह (जीओएम) के गठन का फैसला शहर में ढाई साल की एक बच्ची सहित दो नाबालिगों से बलात्कार के मद्देनजर कानून व्यवस्था की स्थिति पर चर्चा करने के लिए मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में किया गया। समूह 15 दिन के भीतर रिपोर्ट को अंतिम रूप देगा।
मुख्यमंत्री ने कहा, क्योंकि सीआरपीसी और भारतीय दंड संहिता (इंडियन पीनल कोड) समवर्ती सूची का विषय हैं जिस पर दिल्ली सरकार के पास अधिशासी शक्ति है, जीओएम मुद्दे को देखेगा और इस बारे में रिपोर्ट देगा कि क्या दिल्ली सरकार अपराध दर्ज करने और मामले की जांच करने के लिए उन मामलों में विशेष पुलिस थाने गठित कर सकती है जहां महिलाओं को स्थानीय थानों से संतोषजनक जवाब नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि जीओएम ठोस प्रस्ताव सौंपेगा, ताकि विधानसभा के अगले सत्र में संशोधन विधेयक लाया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार इस संबंध में नई अदालतों के गठन और वर्तमान आधारभूत ढांचे को दुरूस्त करने के लिए धन खर्च करने को तैयार है।