नई दिल्ली: 14 साल पहले गलती से पाकिस्तान पहुंची गीता सोमवार को दिल्ली पहुंची। फिलहाल गीता को डीएनए रिपोर्ट आने तक इंदौर के मूक-बधिर संस्थान में रखा जाएगा। इससे पहले गीता ने जनार्दन महतो को और उसके परिवार के लोगों को पहचानने से इंकार कर दिया। अगर डीएनए रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो ही उसे उनके हवाले किया जाएगा।
गीता को अपनी बेटी बताते हुए देश के कई हिस्सों से लोगों ने दावा किया था, लेकिन अब डीएनए रिपोर्ट ही तय करेंगी कि गीता के माता-पिता का दावा करने वाले लोग उसके असली माता-पिता है या नहीं।
गीता का डीएनए मैच कराने के लिए ब्लड सैंपल ले लिया गया है। लेडी हार्डिंग हॉस्पिटल के फरेंसिक एक्सपर्ट ने बताया कि डीएनए सेल्स के क्रोमोजोम में पाए जाने वाले स्पाइरल स्ट्रक्चर को डीऑक्सीराइबो न्यूक्लीक एसिड यानी डीएनए कहा जाता है।
डीएनए की बनावट घुमावदार सीढ़ी की तरह होती है। एक आदमी के सेल्स में 23 क्रोमोजोम होते हैं, जो डीएनए के बने होते हैं। ये क्रोमोजोम बच्चे में उनके माता-पिता से आते हैं। डीएनए की खास बनावट ही एक को दूसरे से अलग करती है।
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