बस्ती (उत्तर प्रदेश): आईआरसीटीसी की वेबसाइट ‘हैक’ कर रेलवे आरक्षण टिकट निकालने वाले जालसाज को केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने पकड़ने में सफलता पाई है। दिलचस्प बात यह है कि जालसाज अभी 12वीं का छात्र है, लेकिन आईआरसीटीसी की साइट को 30 सेकेंड में हैक कर टिकट निकालने में माहिर था। इस धंधे से उसने लाखों रुपये की काली कमायी की।
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बता दें कि रेलवे के काउंटर से एक कंफर्म टिकट बनने में करीब एक मिनट का समय लगता है। वहीं, हामिद जगह बदल-बदलकर केवल 30 सेकेंड में 10 लैपटॉप की मदद से करीब 500 टिकट एक साथ निकालता था। हामिद हैक करने वाला सॉफ्टवेयर ब्लैक केएस तैयार कर बेचता था। बताया जा रहा है कि उसके साफ्टवेयर से पूरे भारत में 5 हजार एजेंट रेल टिकट का कारोबार चला रहे हैं और गिरोह ने अब तक रेलवे को 9 करोड़ का चूना लगाया है।
अपर पुलिस अधीक्षक रोहित मिश्र ने बताया कि सीबीआई और सतर्कता की टीम जालसाज हामिद को पकड़ने की कई दिन से कोशिश कर रही थी। हामिद के संपर्क देश के बड़े शहरों में टिकट की दलाली करने वालों से जुड़े थे।
हामिद कप्तानगंज थाना क्षेत्र के वायरलेस चौराहे पर रहता है और टिकटों की जालसाजी का कार्य अपने मामा के धुनिया टोला स्थित मकान से कर रहा था। मिश्र ने बताया कि हामिद के कब्जे से दस लैपटाप, 16 एटीएम कार्ड और दो पैनकार्ड सहित 50 लाख रुपये मिले हैं।