जयपुर: घाटे में चल रहीं राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के त्रुटिपूर्ण सॉफ्टवेयर की वजह से पुरूषों को महिलाओं को यात्रा में मिलने वाली रियायत टिकट दे दिए जाने के कारण 11 करोड़ 49 लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है।
महालेखापरीक्षक की ताजा रिपोर्ट के अनुसार रोडवेज राज्य के बाहर की गई यात्रा पर महिलाओं को किराये में तीस प्रतिशत रियायत देता है। रोडवेज का एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर यात्री के लिंग भेद को इंगित करने में विफल रहने के कारण करीब पचास लाख पचास हजार पुरूषों को महिला कोटे की रियायत टिकट जारी कर दी।
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रिपोर्ट में कहा गया कि रोडवेज ने ऑनलाइन बुकिंग में भी यह कमाल किया और चालीस लाख 95 हजार महिला रियायत कोटे की टिकटें पुरूष यात्रियों को जारी कर दी। रोडवेज की ओर से जारी की गई सभी महिला रियायत टिकटों में पुरूष अंकित किया गया बावजूद किराया वसूला महिला रियायत यात्रा का। राजस्थान सरकार रक्षा बंधन और महिला दिवस पर रोडवेज की सभी श्रेणी की बसों में महिलाओं को फ्री यात्रा करवाता है।
महालेखापरीक्षक की कल विधानसभा में पेश की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार के इस फैसले के कारण रोडवेज को नौ लाख चौदह हजार रूपये के नुकसान का सामना करना पडा। यह राशि राज्य सरकार ने रोडवेज को स्थानानान्तरित की है या नहीं उल्लेख नहीं किया गया।
सीएजी की ओर से इस बारे में आपत्ति किए जाने पर रोडवेज ने रिपोर्ट को स्वीकार करते हुए बताया है कि कम वसूल की गई राशि सम्बधित परिचालकों से वसूलने की कार्यवाही की जा रही है और साफ्टवेयर को दुरस्त करवाने के निर्देश दे दिये गये है। सीएजी की रिपोर्ट ने यह भी खुलासा किया है कि रोडवेज ने बीस साल से लेकर 59 वर्ष के आयु वर्ग के लोगों को भी गलत ढंग से वरिष्ठ नागरिकों के कार्ड जारी कर दिये। रोडवेज साठ साल या इससे अधिक आयु वर्ग के लोगों को यात्रा में रियायत देता है।
रियायत चाहने वाले लोगों को रोडवेज में आवेदन करना होता है और आवेदन में उम्र के दस्तावेज सुनिश्चित करने के बाद सॉफ्टेवयर कम्पनी को कार्ड बनवाने के लिए डाटा प्रेषित किया जाता है। रोडवेज ने वरिष्ठ नागरिकता की श्रेणी में नहीं आने वाले सात लाख चालीस हजार टिकट जारी कर दिये जिससे रोडवेज को एक करोड चौसठ लाख रूपये का नुकसान उठाना पडा।
इसी तरह राजस्थान से बाहर यात्रा करने वाले वरिष्ठ नागरिकों को छत्तीस हजार आठ सौ 41 रियायती टिकट जारी करने की वजह से रोडवेज को पांच लाख 48 हजार रूपये का नुकसान उठाना पडा।
गौरतलब है कि रोडवेज में वरिष्ठ नागरिकों को केवल राजस्थान की सीमा में की गई यात्रा पर रियायत देने का प्रावधान है। रिपोर्ट के अनुसार विद्यार्थियों और मासिक पास जारी करने में भी जबरदस्त विसंगितियों की वजह से रोडवेज को एक करोड़ बीस लाख रूपये का नुकसान उठाना पडा। सीएजी की ओर से उजागर किये गये यह मामले वर्ष 2014 से 2016 के है।