आइजोल: मिजोरम के मुख्यमंत्री जोरमथंगा ने गुरुवार को कहा है कि यदि नागरिकता संशोधन विधेयक को रद्द नहीं किया गया तो उनकी पार्टी NDA से नाता तोड़ लेगी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार इस विधेयक को रद्द करने की कोशिश में लगी हुई है, लेकिन यदि इसे रद्द नहीं किया गया तो उनकी पार्टी मिजो नेशनल फ्रंट (MNF) एनडीए के साथ गठबंधन तोड़ने में जरा-सी भी हिचकिचाहट नहीं दिखाएगी। आपको बता दें कि इससे पहले नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो समेत कई अन्य नेता इस विधेयक को लेकर आपत्ति जता चुके हैं।
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आइजोल के एबॉक गांव में अपनी पार्टी मिजो नेशनल फ्रंट के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए जोरमथंगा ने कहा कि पार्टी और उनकी सरकार विधेयक को रद्द करने के लिये हरसंभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा, ‘अगर यही हालात रहे तो उनकी पार्टी राजग से नाता तोड़ लेगी।’ वहीं, नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने गृह मंत्री राजनाथ सिंह को नागरिकता विधेयक को लेकर एक चिट्ठी लिखी थी, जिसमें कहा गया था कि नागरिकता विधेयक राज्य पर लागू नहीं हो सकता क्योंकि इसे संविधान के अनुच्छेद 371 (ए) के तहत संरक्षण प्राप्त है।
नागालैंड के मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से रविवार को जारी बयान में कहा गया था कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि राज्य को संविधान के अनुच्छेद 371 (ए) और बंगाल ईस्टर्न फ्रंटियर रेग्युलेशन 1873 के तहत इनर लाइन परमिट के तहत संरक्षण मिला हुआ है। आपको बता दें कि 8 जनवरी को लोकसभा से पारित हो चुके नागरिकता (संशोधन) विधेयक में बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से भागकर भारत में शरण लेने वाले गैर-मुस्लिम लोगों को भारत की नागरिकता प्रदान करने का प्रावधान है।