वाराणसी: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने आज गंगा आरती में भाग लिया। शिंजो ने भारतीय परिधान पहने हुए। जापान के प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए विशेष रूप से एक तैरता हुआ मंच तैयार किया गया है।
इससे पहले आज नरेंद्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री वाराणसी के बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंचे। दोनों देशों के प्रधानमंत्री एक ही हवाई जहाज़ से वाराणसी पहुचे थे। वहां जापानी के प्रधानंत्री के स्वागत की ज़ोरदार तैयारियां की गई हैं। उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाइक और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी एयरपोर्ट पर दोनों देशों के नेताओं का स्वागत किया। दोनों नेता गंगा आरती में शामिल होंगे, जिसके लिए एक भव्य तैरता मंच बनाया गया है।
इससे पहले, दोनों देशों के बीच असैन्य परमाणु ऊर्जा पर एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षार किए गए थे। भारत ने घोषणा की कि यह समझौता न सिर्फ व्यावसायिक और स्वच्छ ऊर्जा के बारे में है, बल्कि एक सुरक्षित दुनिया के लिए आपसी विश्वास और साझेदारी का एक संकेत भी है। इस सहमति पत्र पर हस्ताक्षर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने यहां किया।
मोदी ने समझौते पर हस्ताक्षर के बाद कहा, "भारत के आर्थिक सपने को साकार करने में जापान से ज्यादा कोई मित्र मायने नहीं रखता। हमने आर्थिक सहयोग में और अपनी क्षेत्रीय साझेदारी व सुरक्षा सहयोग में अपार प्रगति की है।" मोदी ने कहा कि भारत और जापान के बीच रणनीतिक साझेदारी का गहरा महत्व है। उन्होंने कहा, "शिंजो हमारे आर्थिक प्रस्तावों पर तत्पर और सकारात्मक रहे हैं, जिनमें से कई इस समय भारत के लिए अनोखे हैं। जापान का निजी निवेश भी तेजी से बढ़ रहा है।"
दोनों देशों ने रक्षा संबंधों को गहरा बनाने और रक्षा विनिर्माण के लिए सुरक्षा संचालन पर भी दो समझौतों पर हस्ताक्षर किए। आबे ने कहा, "हम रिश्ते को एक नई ऊंचाई पर ले गए हैं।"
इसके अलावा, भारत ने अहमदाबाद और मुंबई के बीच बुलेट ट्रेन चलाने के लिए भी जापान के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समझौते को आर्थिक बदलाव का एक इंजन बताते हुए कहा कि बुलेट ट्रेन में बेहद आसान शर्तो पर गति और सुरक्षा का समन्वय है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने ट्वीट किया, "आर्थिक बदलाव का एक इंजन: जापान के शिंकनसेन के जरिए मुंबई-अहमदाबाद खंड पर तीव्र गति की रेल।"