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मोदी ने बोडो क्षेत्र के विकास के लिए की 1,000 करोड़ के पैकेज की घोषणा

 Written By: IANS
 Published : Jan 19, 2016 10:07 pm IST,  Updated : Jan 19, 2016 10:08 pm IST

कोकराझार: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बोडोलैंड टेरिटोरियल एरियाज डिस्ट्रिक्ट्स के लिए 1,000 करोड़ रुपये के पैकेज और अलग राज्य की मांगों को अनसुना करते हुए मंगलवार को यहां कहा कि असम के बोडो क्षेत्र के

Modi stressed on development of the Bodo area- India TV Hindi
Modi stressed on development of the Bodo area

कोकराझार: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बोडोलैंड टेरिटोरियल एरियाज डिस्ट्रिक्ट्स के लिए 1,000 करोड़ रुपये के पैकेज और अलग राज्य की मांगों को अनसुना करते हुए मंगलवार को यहां कहा कि असम के बोडो क्षेत्र के विकास के लिए कोई भी कोर-कसर बाकी नहीं छोड़ा जाएगा। प्रधानमंत्री यहां बोडोलैंड पीपल्स फ्रंट (बीपीएफ) द्वारा आयोजित एक रैली को संबोधित कर रहे थे।

मोदी ने कहा कि बोडोलैंड टेरिटोरियल एरियाज डिस्ट्रिक्ट्स (बीटीएडी) का विकास भी देश के दूसरे हिस्सों की तरह किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र के विकास के लिए उनके पास तीन सूत्री कार्यक्रम है- विकास, विकास और विकास। उन्होंने कहा कि मैदानी इलाकों में रहनेवाले कर्बी लोगों को अनुसूचित जनजाति (एसटी) की श्रेणी में शामिल कर लिया है। वहीं, पहाड़ी क्षेत्रों में रहनेवाले बोडो कचारी को भी जल्द ही एसटी में शामिल किया जाएगा।

प्रधानमंत्री की यह रैली अप्रैल में होनेवाले विधानसभा चुनाव को लेकर काफी महत्वपूर्ण है। क्योंकि इस रैली से यह संकेत गया है कि आनेवाला विधानसभा चुनाव भारतीय जनता पार्टी और बीपीएफ मिलकर लड़ेगी। बोडोलैंड क्षेत्रीय परिषद में बीपीएफ की सत्ता है, जो बीटीएडी क्षेत्र के चार जिलों का प्रशासनिक कामकाज चलाती है।

2003 में अपनी स्थापना के बाद से बीपीएफ असम की सत्ताधारी पार्टी कांग्रेस के साथ गठबंधन में थी। लेकिन साल 2014 में कई मुद्दों पर मतभेद के कारण बीपीएफ कांग्रेस से अलग हो गई। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने बड़ी सर्तकता से अलग बोडोलैंड राज्य की मांग और बीपीएफ के 1,000 करोड़ रुपये के पैकेज की मांग टाल दी। उन्होंने केंद्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (सीआईटी), कोकराझार को एक साल में डीम्स विश्वविद्यालय का दर्जा देने की घोषणा की और कहा कि संस्थान को और भी अधिक शैक्षणिक और प्रशासनिक स्वायत्तता प्रदान की जाएगी।

मोदी ने भारी संख्या में जुटे लोगों को संबोधित करते हुए कहा, "मुझे बताया गया कि यहां एक हवाईअड्डा है जो काफी समय से बंद पड़ा है। मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि जैसे ही राज्य सरकार के साथ हवाईअड्डे के लिए जमीन का मुद्दा हल होता है, रुपसी हवाईअड्डे को वायुसेना के साथ ही आम जनता के लिए भी खोल दिया जाएगा।" उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इस क्षेत्र में संपर्क को बढ़ाने के लिए कंचनजंगा एक्सप्रेस को असम के बराक घाटी तक चलाएगी।

मोदी ने पूर्व कांग्रेसनीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार और राज्य की मौजूदा कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, "मुझे ऐसा लगा कि असम में तो कोई समस्या नहीं होनी चाहिए। क्योंकि असम ऐसा राज्य है जिसने 10 सालों के लिए प्रधानमंत्री को निर्वाचित किया था। कांग्रेस पिछले 15 सालों से राज्य की सत्ता में है। लेकिन मैं यहां के समस्याओं और मुद्दों को देखकर हैरान हूं। उन्होंने पिछले 15 सालों में यहां कुछ भी नहीं किया है वे चाहते हैं कि मैं 15 महीने में सबकुछ कर दूं।"

प्रधानमंत्री ने कहा, "आपने उनका पिछले 15 सालों का शासन देखा और अब भाजपा पिछले 15 महीनों से सत्ता में है। हम इन 15 महीनों से हर मिनट काम कर रहे हैं ताकि देश आगे बढ़े।" इस दौरान बीपीएफ ने जहां बीटीएडी के विकास के लिए 1,000 करोड़ रुपये के पैकेज की मांग की। वहीं, कई बोडो संगठन बोडोलैंड अलग राज्य की मांग पर केंद्र का रुख स्पष्ट करने की मांग कर रहे हैं।

वहीं, असम के छह समुदायों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मांग को लेकर ऑल असम कोच राजवोंगशी छात्र संघ ने सोमवार सुबह से 48 घंटों के लिए कोल राजबोंगशी इलाकों समेत असम बंद की घोषणा की है।

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