अहमदाबाद: गुजरात उच्च न्यायालय ने मछुआरों के एक समूह की याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है। इस याचिका में उनके मछली पकड़ने के ठेके के लाइसेंस को निलंबित करने के आदेश को चुनौती दी गई है।
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मछुआरों ने दावा किया है कि गुजरात के साबरकांठा जिले की एक झील में मछली पकड़ने के उनके अनुबंध को इस साल शुरूआत में तब निलंबित कर दिया गया जब उच्च जाति के कुछ स्थानीय लोगों के इस गतिविधि से अपनी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की शिकायत की थी।
‘आशा मत्स्य विकास खेडुत मंगलम मंडल’ नामक मछुआरों के समूह की याचिका पर न्यायाधीश अनंत दवे और न्यायाधीश बिरेन वैश्नव की खंडपीठ ने कल प्रदेश सरकार और मत्स्यपालन आयुक्त को नोटिस जारी किया है। मछुआरों के समूह द्वारा दायर याचिका में उनके अधिवक्ता एस एच अय्यर ने साबरकांठा में इदर कस्बे के नजदीक प्रतापसागर झील में मछली पकड़ने के अनुबंध को निलंबित करने को चुनौती दी है।