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जिंदा आतंकी सज्जाद का खुलासा: लश्कर ने बेस तैयार करने भारत भेजा

 Written By: India TV News Desk
 Published : Aug 28, 2015 10:30 pm IST,  Updated : Aug 28, 2015 11:05 pm IST

नई दिल्ली: जम्मू कश्मीर के राफियाबाद से जिंदा पकड़े गए पाकिस्तानी आतंकवादी सज्जाद अहमद ने कौन कौन से खुलासे किए। NIA की टीम सज्जाद से पूछताछ करने के लिए आज श्रीनगर पहुंची। जानकारों के मुताबिक

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पाक आतंकी का खुलासा: लश्कर ने बेस तैयार करने भारत भेजा

नई दिल्ली: जम्मू कश्मीर के राफियाबाद से जिंदा पकड़े गए पाकिस्तानी आतंकवादी सज्जाद अहमद ने कौन कौन से खुलासे किए। NIA की टीम सज्जाद से पूछताछ करने के लिए आज श्रीनगर पहुंची। जानकारों के मुताबिक सज्जाद ने पूछताछ के दौरान बताया कि लश्कर ए तैयबा ने उसे तीन आतंकवादियों के साथ एक स्पेशल टेररिस्ट प्लान के तहत कश्मीर भेजा था। हाफिज सईद के आतंकवादी संगठन लश्कर ए तैयबा की तरफ से सज्जाद और उसके साथियों को जम्मू कश्मीर के राफियाबाद में लश्कर का base तैयार करने की जिम्मेदारी दी थी। सज्जाद इस खतरनाक साजिश को अंजाम दे पाता। राफियाबाद में अपना ठिकाने खोज पाता। उससे पहले ही सेना ने उसके तीन साथियों को ठिकाने लगा दिया और सज्जाद को जिंदा पकड़ लिया। नासिक कुंभ की लाइव कवरेज देखने के लिए क्लिक करें

सज्जाद अहमद पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में मुजफ्फरगढ़ का रहने वाला-

पाकिस्तानी आतंकवादी सज्जाद अहमद ने पूछताछ के दौरान बताया कि वो पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में मुजफ्फरगढ़ का रहने वाला है। 22 साल के सज्जाद ने  2012 में लश्कर ए तैयबा ज्वाइन किया। सज्जाद ने बताया कि उसने दो बार जम्मू कश्मीर में घुसपैठ की कोशिश की लेकिन इंडियन आर्मी की मुस्तैदी की वजह नाकाम रहा। लश्कर ए तैयबा ने उसे जम्मू कश्मीर के राफियाबाद में लश्कर का base तैयार करने के लिए भेजा था। राफियाबाद इलाके में कैयूम नजर नाम का एक  local militant एक्टिव है। कैयूम नजर पहले हिज्बुल मुजाहिदीन के लिए काम करता था लेकिन बाद में उसने अपना अलग ग्रुप बना लिया।

इसकी वजह से राफियाबाद में लश्कर ए तैयबा और हिज्बुल मुजाहिदीन का असर खत्म हो गया था। हाफिज सईद चाहता था कि सज्जाद राफियाबाद में कैयूम नजर को sideline कर दे और जिससे उस इलाके में लश्कर का आतंक कायम हो जाए। इसके लिए लश्कर ए तैयबा ने सज्जाद अहमद को तीन लेवल की टेररिस्ट ट्रेनिंग दी थी। लश्कर के ट्रेनिंग कैंप में सज्जाद ने ग्रेनेड, AK47 और रॉकेट लॉन्चर चलाना सीखा। इसके अलावा वो IED के एसैंबल करना और प्लांट करने में भी माहिर है। लश्कर की ट्रेनिंग के बाद सज्जाद अपने तीन साथियों के साथ जम्मू कश्मीर में दाखिल हुआ लेकिन कल राफियाबाद में आर्मी ऑपरेशन के दौरान वो पकड़ा गया।

22 साल के सज्जाद 2012 में लश्कर ए तैयबा में शामिल-

  • पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में मुजफ्फरगढ़ का रहने वाला है सज्जाद।
  • 22 साल के सज्जाद 2012 में लश्कर ए तैयबा में शामिल।
  • सज्जाद ने दो बार पहले भी घुसपैठ की कोशिश की थी।
  • सेना की मुस्तैदी की वजह से घुसपैठ में नाकाम रहा था सज्जाद।
  • लश्कर ए तैयबा ने सज्जाद को अपना बेस तैयार करने भेजा था।
  • लश्कर राफियाबाद में अपना बेस तैयार करना चाहता है।
  • राफियाबाद में कैयूम नजर नाम का स्थानीय आतंकवादी सक्रिय।
  • कैयूम ने हिज्बुल मुजाहिदीन से बगावत कर अपना अलग ग्रुप बनाया।
  • लश्कर ने कैयूम का असर खत्म करने के लिए सज्जाद को भेजा।
  • लश्कर ने सज्जाद को तीन लेवल की ट्रेनिंग दी थी।
  • सज्जाद ग्रेनेड फेंकना, AK-47 चलाना जानता है।
  • लश्कर के कैंप में सज्जाद ने IED बनाना भी सीखा था।
  • ट्रेनिंग के बाद सज्जाद घुसपैठ कर जम्मू कश्मीर में दाखिल हुआ था।

22 दिन में दूसरा जिंदा पाकिस्तानी आतंकवादी इंडियन सिक्योरिटी फोर्सेज की गिरफ्त में आया है। रफियाबाद इलाके में करीब 40 घंटे तक चली मुठभेड़ में लश्कर के टेररिस्ट सज्जाद अहमद को जिंदा पकड़ लिया गया। आर्मी से बचने के लिए सज्जाद एक गुफा में छिपा हुआ था। आर्मी ने उसे बाहर निकालने के लिए chilli grenade फेंका इस ग्रेनेड ने सज्जाद को सिक्योरिटी फोर्सेज के आगे सरेंडर करने पर मजबूर कर दिया।

सज्जाद समेत कुल पांच आतंकवादियों ने 25 और 26 अगस्त की रात को उरी सेक्टर से घुसपैठ की थी। सेना को टेक्नीकल इंटेलीजेंस से ये पता लग गया था कि पांच आतंकवादी घुसपैठ कर चुके हैं। इसलिए इलाके को घेर लिया गया।

आतंकवादियों को दबोचने के लिए सेना और एसओजी ने ज्वाइंट सर्च ऑपरेशन चलाया और बारह घंटे की मुठभेड़ के बाद एक आतंकवादी को मार गिराया लेकिन चार आतंकवादी चकमा देकर भाग खड़े हुए और बारामूला के रफियाबाद पहुंच गए। सेना और एसओजी की घेराबंदी यहां भी थी। करीब बीस घंटे की मुठभेड़ के बाद तीन आतंकवादियों को मार गिराया गया। गुरुवार सुबह ऑपरेशन के खत्म होने के बाद मान लिया गया कि सभी घुसपैठियों को मार गिराया गया है। लेकिन सेना के एक मेजर ने जोर दिया कि एक आतंकवादी अब भी कहीं छिपा हुआ है। इस आतंकवादी की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया गया।

छिपा हुआ यही आतंकवादी सज्जाद अहमद था। सेना को एक नेचुरल गुफा पर शक हुआ। पहले फायरिंग की गई और फिर टियर गैस और चिली ग्रेनेड फेंका गया। मिर्ची बम ने असर दिखाया पूरी गुफा तीखे धुएं से भर गई सज्जाद बेचैन हो गया। थोड़ी देर बाद गुफा में छिपा आतंकवादी खुद ब खुद बाहर आ गया। मिर्ची बम के असर की वजह से उसकी आंखों से आंसू बह रहे थे।

सज्जाद ने माना कि वो लश्कर ए तोएबा का आतंकवादी है। पीओके में लश्कर के ट्रेनिंग कैंप में उसने और उसके साथियों को आतंक की ट्रेनिंग दी गई। पहले भी उन्होने घुसपैठ की कोशिश की थी लेकिन नाकाम रहे लेकिन 25-26 अगस्त की रात को वो कामयाब हो गए।

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