नई दिल्ली: जागरूकता पैदा करने, व्यापक पारदर्शिता लाने और जिम्मेदारी तय करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जल शक्ति मंत्रालय के प्रमुख जल जीवन मिशन को समर्पित एक ऐप लॉन्च किया। पीएम मोदी ने इस अवसर पर ग्राम पंचायतों की पानी समिति के सदस्यों से संवाद भी किया। अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पूज्य बापू और लाल बहादुर शास्त्री जी इन दोनों महान व्यक्तित्वों के हृदय में भारत के गांव ही बसे थे। मुझे खुशी है कि आज के दिन देशभर के लाखों गांवों के लोग ‘ग्राम सभाओं’ के रूप में जल जीवन संवाद कर रहे हैं।
प्रधान मंत्री ने आज जल जीवन कोष (राष्ट्रीय जल कोष) भी लॉन्च किया जिसमें कोई भी व्यक्ति, कोई भी संगठन, कोई कंपनी या यहां तक कि एक गैर सरकारी संगठन, चाहे वह भारत में हो या विदेश में, ग्रामीण क्षेत्र में एक स्कूल या एक नल के पानी का कनेक्शन लेने के लिए आंगनबाडी केंद्र या आश्रम आदि के लिए धन दान कर सकता है।
गांधी जयंती के अवसर पर, प्रधानमंत्री ने एक वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से भारत भर में पानी समितियों और ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति के साथ बातचीत की और उनसे जल जीवन मिशन (जेजेएम) और इसके लाभों के बारे में बात की।चर्चा के बाद जेजेएम को एक विकेन्द्रीकृत, मांग-संचालित और समुदाय-प्रबंधित कार्यक्रम के रूप में कार्यान्वित किया जा रहा है, जिसमें ग्राम पंचायतें और/या इसकी उप-समितियां योजना बनाने, लागू करने, प्रबंधन, संचालन और रखरखाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। गांव में पानी की आपूर्ति प्रणाली, जिससे नियमित और दीर्घकालिक आधार पर हर घर में स्वच्छ नल का पानी उपलब्ध हो सके।
आजादी से लेकर 2019 तक, हमारे देश में सिर्फ 3 करोड़ घरों तक ही नल से जल पहुंचता था। 2019 में जल जीवन मिशन शुरू होने के बाद से, 5 करोड़ घरों को पानी के कनेक्शन से जोड़ा गया है: पीएम मोदी
आज देश के लगभग 80 जिलों के करीब सवा लाख गांवों के हर घर में नल से जल पहुंच रहा है। यानि पिछले 7 दशकों में जो काम हुआ था, आज के भारत ने सिर्फ 2 साल में उससे ज्यादा काम करके दिखाया है: पीएम मोदी
मैं तो गुजरात जैसा राज्य से हूं जहां अधिकतर सूखे की स्थिति मैंने देखी है। मैंने ये भी देखा है कि पानी की एक-एक बूंद का कितना महत्व होता है। इसलिए गुजरात का मुख्यमंत्री रहते हुए, लोगों तक जल पहुंचाना और जल संरक्षण, मेरी प्राथमिकताओं में रहे: पीएम मोदी
हमने बहुत सी ऐसी फिल्में देखी हैं, कहानियां पढ़ी हैं, कविताएं पढ़ी हैं जिनमें विस्तार से ये बताया जाता है कि कैसे गांव की महिलाएं और बच्चे पानी लाने के लिए मीलों दूर चलकर जा रहे हैं। कुछ लोगों के मन में, गांव का नाम लेते ही यही तस्वीर उभरती है: पीएम मोदी
बहुत कम ही लोगों के मन में ये सवाल उठता है कि आखिर इन लोगों को हर रोज किसी नदी या तालाब तक क्यों जाना पड़ता है, आखिर क्यों नहीं पानी इन लोगों तक पहुंचता? मैं समझता हूं, जिन लोगों पर लंबे समय तक नीति-निर्धारण की जिम्मेदारी थी, उन्हें ये सवाल खुद से जरूर पूछना चाहिए था: पीएम मोदी
गांधी जी कहते थे कि ग्राम स्वराज का वास्तविक अर्थ आत्मबल से परिपूर्ण होना है। इसलिए मेरा निरंतर प्रयास रहा है कि ग्राम स्वराज की ये सोच, सिद्धियों की तरफ आगे बढ़े: पीएम मोदी
जल जीवन मिशन का विजन, सिर्फ लोगों तक पानी पहुंचाने का ही नहीं है। ये Decentralisation का- विकेंद्रीकरण का भी बहुत बड़ा Movement है। ये Village Driven- Women Driven Movement है। इसका मुख्य आधार, जनआंदोलन और जनभागीदारी है: पीएम मोदी
पूज्य बापू और लाल बहादुर शास्त्री जी इन दोनों महान व्यक्तित्वों के हृदय में भारत के गांव ही बसे थे। मुझे खुशी है कि आज के दिन देशभर के लाखों गांवों के लोग ‘ग्राम सभाओं’ के रूप में जल जीवन संवाद कर रहे हैं: पीएम मोदी
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