नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के शकूरबस्ती इलाके में दो दिन पहले झुग्गियां गिराने के मामले को लेकर सियासी पारा चढ़ने लगा है, जहां इस दौरान छह माह की एक बच्ची की मौत हो गई थी। सोमवार को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी शकूरबस्ती पहुंचे और पीड़ितों से मामले को संसद ने उठाने का वादा किया।
पश्चिमी दिल्ली के शकूर बस्ती इलाके में दो दिन पहले रेलवे के अधिकारियों ने करीब 500 झुग्गियां ढहा दी थीं, जिस वजह से वहां रह रहे सैकड़ों लोग इस सर्द मौसम में खुले में रहने को विवश हो गए हैं। राहुल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन के साथ यहां पहुंचे थे।
झुग्गियां ढहाने के अभियान में एक नवजात बच्ची की भी मौत हो गई थी। हालांकि अधिकारियों ने कहा कि बच्ची की मौत और झुग्गियां गिराने का आपस में कोई लेना-देना नहीं है। राहुल ने यहां पीड़ित परिवारों से कहा, "हम आपकी मदद करने की कोशिश करेंगे। हम आपके लिए लड़ेंगे और आपके साथ यह अन्याय नहीं होने देंगे। हम इस मुद्दे को संसद में उठाएंगे।"
वहीं, रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने झुग्गियां गिराने की कार्रवाई का बचाव किया और कहा कि बच्ची की मौत पहले हो गई थी। प्रभु ने लोकसभा को बताया, "बार-बार नोटिस दिए जाने के बावजूद अतिक्रमणकारियों ने जगह खाली नहीं की। बच्ची की मौत अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू होने से पहले हो गई थी।"
इस कार्रवाई के बाद दिल्ली की सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) और रेलवे के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। रेलवे का कहना है कि झुग्गीवासियों ने रेलवे की जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा था और नई रेलवे लाइन बिछाने के लिए जगह खाली करानी जरूरी थी।