इंडिया टीवी ने सीएनएक्स द्वारा किये गए चुनाव पूर्व सर्वे पर आधारित ओपिनियन पोल का प्रसारण गुरुवार को किया। इस सर्वे के अनुमानों से पता चलता है कि आनेवाले विधानसभा चुनावों में बीजेपी को स्पष्ट बहुमत मिल सकता है, हालांकि सीटों की संख्या पिछले चुनाव की तुलना में कम रहने के आसार हैं।
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मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए मतदान में अभी एक महीने से ज्यादा का वक्त है, इस ओपिनियन पोल को प्रारंभिक अनुमान माना जा सकता है। राजनीति में हालात, मुद्दे और परिस्थितियां तुरंत बदल जाती हैं। एक मुद्दा चुनाव की सभी भविष्यवाणियों को बदल सकता है, पूरा का पूरा चुनाव पलट जाता है। इसीलिए इस ओपिनियन पोल को फाइनल तो नहीं कह सकते, लेकिन फिलहाल मध्य प्रदेश की जनता का मूड क्या है, ये इस ओपिनियन पोल से जाहिर होता है।
कांग्रेस की सारी उम्मीद अब एंटी इन्कम्बैंसी पर टिकी है और यह सच है कि ओपिनियन पोल में बीजेपी को वोट शेयर और सीट की संख्या, दोनों से नुकसान हो रहा है। लेकिन एक बात गौर करने लायक है कि पन्द्रह साल से सत्ता में होने के बाद भी अगर चुनाव से एक महीने पहले मध्य प्रदेश की ज्यादातर जनता बीजेपी के पक्ष में दिखाई दे तो इसका मतलब ये है कि एंटी इन्कम्बैंसी का असर बहुत कम है या इसे नहीं के बराबर कह सकते हैं।
नोट करने वाली खास बात ये है कि अगर कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) का गठबंधन हो जाता तो इन दोनों के वोट शेयर बीजेपी से ज्यादा हो जाते। हालांकि चुनाव में 2 जोड़ 2 हमेशा 4 नहीं होता है, तो भी ये कह सकते हैं कि कांग्रेस और बीएसपी इकट्ठे होते तो बेहतर कर सकते थे। इन दोनों दलों का गठबंधन हो नहीं पाया और फिलहाल इस ओपिनियन पोल में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सब पर भारी दिखाई दे रहे हैं। (रजत शर्मा)