नई दिल्ली: इलाहाबाद में 12-13 जून को भाजपा की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी के अधिवेशन के साथ एक तरह से राज्य विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी के अभियान की शुरूआत हो जाएगी। बैठक में पार्टी की किसान हितैषी योजनाओं को पेश करने के साथ ही प्रदेश में सपा की सरकार के कामकाज को कुशासन और केंद्र सरकार के कार्यों को सुशासन के तौर पर प्रस्तुत किया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 जून को शहर में एक रैली को संबोधित कर सकते हैं, जिसके साथ 14 साल बाद राज्य में सत्ता पाने के पार्टी के प्रयासों को जोरदार तरीके से शुरू किया जाएगा। बसपा की चुनौती का मुकाबला करने के लिए भाजपा उसे सपा, कांग्रेस और अजित सिंह की रालोद के साथ सहयोगी के तौर पर ही पेश करेगी जो 10 साल संप्रग सरकार के दौरान साथ थे। कई विश्लेषकों का मानना है कि लोकसभा चुनाव में बुरी तरह हार गई बसपा की स्थिति में सुधार हुआ है।
पार्टी के एक नेता ने कहा, बसपा ने उत्तराखंड में हाल ही में शक्ति परीक्षण के दौरान कांग्रेस का समर्थन किया। उसने इतने साल तक संप्रग सरकार का साथ दिया। ऐसा ही सपा ने किया। हम इस बारे में बात करेंगे। राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में फसल बीमा, सिंचाई और ग्रामीण सड़क योजनाओं जैसे मोदी सरकार के कार्यक्रमों को भी रेखांकित कर बताया जाएगा कि ये कृषक समुदाय को सशक्त करने वाले हैं।
ग्रामीण विद्युतीकरण और ग्राम सड़क परियोजनाओं जैसी केंद्र सरकार की योजनाओं को लागू करने में राज्य सरकार की कथित उदासीनता को भी उजागर किया जाएगा। भाजपा के एक नेता ने कहा कि राज्य सरकार ने किसानों को अभी तक बीमा योजना का फायदा नहीं दिया है क्योंकि उसने इस कवायद के लिए किसी एजेंसी को नहीं चुना है। इस बारे में भी चर्चा होगी। गत 26 मई को मोदी सरकार के दो साल पूरे होने के मौके पर आयोजित प्रधानमंत्री की सहारनपुर रैली की तर्ज पर पार्टी गन्ना किसानों के बकाया भुगतान को दिलाने के केंद्र के प्रयासों को भी उजागर करेगी।
भाजपा इलाहाबाद का भी इस्तेमाल कर सकती है, जहां लाखों हिंदू श्रद्धालु पवित्र संगम में डुबकी लगाने आते हैं। पार्टी की प्रदेश इकाई कार्यकारिणी के सदस्यों के लिए पवित्र स्नान का बंदोबस्त भी कर सकती है। इस बीच आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि कार्यकारिणी में बदलाव की जो संभावनाएं जताई जा रहीं थीं, उसके लिए अभी और इंतजार करना पड़ सकता है। पहले संभावना जताई जा रही थी कि शाह इलाहाबाद अधिवेशन से पहले पुनर्गठन कर सकते हैं।