
Havildar Sanjeevan Singh Rana
शहीद हवलदार संजीवन सिंह राणा: यह हिमाचल के रहने वाले थे। आतंकियों से लड़ते हुए उन्हें पांच गोलियां लगी। उन्हें सैन्य अस्पताल में लाया गया जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। उनकी दो बेटियां हैं।

Havildar Jagdish Chandra
शहीद हवलदार जगदीश चंद, डिफेंस सिक्योरिटी कॉर्प्स: जगदीश चंद हमले के एक दिन पहले ही अपने घर से लौटे थे। जब आतंकी एयरबेस में घुसे तो चंद मैस में खाना पका रहे थे। उसी दौरान चंद ने देखा और एक आतंकी की राइफल छीन ली और उसके हथियार से ही आतंकी भून डाला। लेकिन वे एक दूसरे आतंकी की गोली का शिकार हो गए। देश के लिए जान देने वाले चंद के पीछे पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा रह गया है।