नयी दिल्ली: देश में मानव अंगों की कितनी भारी कमी है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दो लाख लोग गुर्दा प्रत्यारोपण, 30 हजार लोग जिगर और पचास हजार लोग हृद्य प्रत्यारोपण के इंतजार में हैं। हालांकि सरकार ने दावा किया है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम में अंगदान की अपील करने के बाद लोगों में इस विषय को लेकर जागरूकता बढ़ी है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जे पी नड्डा ने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान सदस्यों के सवालों के जवाब में बताया कि मानव अंगों के प्रत्यारोपण की मांग और आपूर्ति के बीच भारी अंतर है।
उन्होंने इसी क्रम में बताया कि देश में दो लाख गुर्दो की जरूरत है जबकि केवल छह हजार गुर्दे ही उपलब्ध हैं। इसी प्रकार 30 हजार जिगर की मांग की तुलना में उपलब्धता केवल 1500 और 50 हजार दिलों की जरूरत के मुकाबले केवल 15 दिल ही उपलब्ध हैं। नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अक्तूबर और नवंबर में अपने मन की बात कार्यक्रम में अंगदान के महत्व को रेखांकित किया था इसके परिणामस्वरूप पूरे देश से राष्ट्रीय अंग एवं उत्तक प्रत्यारोपण संगठन : एनओटीटीओ : की वेबसाइट पर आने वाले आगंतुकों की औसत संख्या में प्रतिदिन 1407 की वृद्धि हुई है जो पहले 665 प्रतिदिन थी।
उन्होंने बताया कि इसी प्रकार अंगदान के संबंध में जानकारी हासिल करने वाले फोनकाल की औसत संख्या में 22 से 61 फीसदी की वृद्धि हुई है। नड्डा ने कहा कि सरकार अंगदान को प्रोत्साहित करने के लिए जागरूकता फैलाने पर बल दे रही है।