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वक्फ बोर्ड का आदेश, शब-ए-बारात में लोगों को कब्रिस्तान जाने से रोकें

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Apr 07, 2020 01:34 pm IST,  Updated : Apr 07, 2020 01:34 pm IST

उत्तर प्रदेश के शिया और सुन्नी वक्फ बोर्ड ने कोरोना वायरस संक्रमण के कारण घोषित लॉकडाउन के मद्देनजर आगामी नौ अप्रैल को शब-ए-बारात में आम जनता को कब्रिस्तानों, दरगाहों और मजारों पर जाने से रोकने के आदेश जारी किए हैं।

वक्फ बोर्ड का आदेश, शब-ए-बारात में लोगों को कब्रिस्तान जाने से रोकें- India TV Hindi
वक्फ बोर्ड का आदेश, शब-ए-बारात में लोगों को कब्रिस्तान जाने से रोकें

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के शिया और सुन्नी वक्फ बोर्ड ने कोरोना वायरस संक्रमण के कारण घोषित लॉकडाउन के मद्देनजर आगामी नौ अप्रैल को शब-ए-बारात में आम जनता को कब्रिस्तानों, दरगाहों और मजारों पर जाने से रोकने के आदेश जारी किए हैं। उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एसएम शोएब ने बताया कि बोर्ड ने प्रदेश में सभी सुन्नी वक्फ स्थलों के मुतवल्लियों और प्रबंध समितियों को निर्देश दिया है कि कोरोना वायरस की वजह से घोषित बंद के मद्देनजर शब-ए-बारात के मौके पर आम जनता को कब्रिस्तानों, दरगाहों और मजारों पर जाने से रोकें। 

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उन्होंने कहा कि मुतवल्ली आम लोगों को अपने-अपने घरों में ही इबादत करने के लिए प्रोत्साहित करें ताकि बंद की किसी भी कीमत पर अवहेलना ना हो। इन निर्देशों का पालन करना सभी मुतवल्लियों और प्रबंध समितियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी। 

शोएब ने एक अन्य आदेश में सुन्नी वक्फ संपत्तियों के मुतवल्लियों और प्रबंध समितियों से यह भी कहा कि वे खासतौर पर पैदल अपने गंतव्य की ओर लौट रहे भूखे-प्यासे लोगों को खाने-पीने की चीजें, दवाएं तथा अन्य आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराएं। ऐसा करना सामाजिक, धार्मिक और राष्ट्रीय कर्तव्य है। 

उधर, उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी ने भी शब-ए-बारात पर सभी शिया वक्फ क़ब्रिस्तानों को बंद रखने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कब्रिस्तान परिसर में रहने वाले कर्मचारियों से कहा गया है कि वह कब्रों के ऊपर साफ-सफाई के साथ-साथ उन पर रोशनी भी करें। 

वहीं दिल्ली की फतेहपुरी मस्जिद के शाही मौलाना मुफ्ती मुकर्रम अहमद ने कहा कि शब-ए-बारात इबादत की रात है। इस दिन कब्रिस्तान जाना जरूरी नहीं होता है इसीलिए सभी अपने घरों में ही रहकर इबादत करें और अपने रिश्तेदारों के अलावा पूरे मुल्क व दुनिया की सलामती के लिए दुआ करें। कोरोना वायरस को फैलने से रोकने का एक यही तरीका है कि हम अपने-अपने घरों में रहें। लॉकडाउन का पालन करें और कानून को अपने हाथ में न लें।

मालूम हो कि शब-ए-बारात इस्लाम के मानने वाले लोगों के लिए मगफिरत (क्षमा) की रात है जिसका अपना खास महत्व है। इस मौके पर मुसलमान अपने पूर्वजों की कब्रों पर जाकर फातिहा पढ़ते और उनकी मगफिरत के लिए दुआ करते हैं। 

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