नई दिल्ली: 26 जनवरी 2015 को गणतंत्र दिवस परेड के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को गार्ड ऑफ ऑनर देने वाली विंग कमांडर पूजा ठाकुर आज इंसाफ की बाट जोह रही हैं। भारतीय वायुसेना में स्थायी कमीशन की मांग कर रही पूजा ठाकुर ने अब आर्म्ड फोर्स ट्राइब्यूनल का दरवाजा खटखटाया है। गौरतलब है कि साल 2000 में पूजा ने भारतीय वायुसेना को शार्ट सर्विस कमीशन के तहत ज्वाइन किया था।
वहीं इस मामले में पूजा ठाकुर के वकील ने बताया कि भारतीय वायुसेना का कहना है कि पूजा ठाकुर को 2012 में स्थायी कमीशन की पेशकश की गई थी, लेकिन उन्होंने तब इसके लिए मना कर दिया था और अब कोई नया प्रस्ताव नहीं दिया जा सकता है।
क्या होता है स्थायी कमीशन:
दरअसल भारतीय वायुसेना में भर्तियां दो तरह से की जाती हैं। पहला एसएससी (शार्ट सर्विस कमीशन), इसके तहत काम करने वाले कर्मी सिर्फ एक निश्चित आयु सीमा तक ही सेना में काम करने योग्य होते हैं, उन्हें सेना की तरफ से किसी भी तरह की पेंशन सुविधा मुहैया नहीं कराई जाती है। वहीं दूसरा होता है पीसी (परमानेंट/स्थायी कमीशन), जिसमें कर्मी रिटायरमेंट की उम्र तक काम कर सकते हैं और उन्हें सेना की तरफ से यानी भारत सरकार पेंशन भी देती है।