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Agneepath Scheme: अग्निपथ योजना को लेकर कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने सरकार पर साधा निशाना, कृषि कानूनों से जोड़ते हुए कही ये बात

 Edited By: Shashi Rai
 Published : Jun 19, 2022 02:51 pm IST,  Updated : Jun 19, 2022 02:51 pm IST

Agneepath Scheme: कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा कि- ''देश को पिछले कुछ वर्षों में ‘स्थायी रूप से उथल-पुथल’ वाली स्थिति में रख दिया गया है। ‘अग्निपथ योजना की अस्वीकृति’, बेरोजगारी तथा आर्थिक एवं कृषि संकट के फलस्वरूप युवाओं की ‘भयंकर नाराजगी’ सामने आई है।''  

 कांग्रेस नेता सचिन पायलट- India TV Hindi
 कांग्रेस नेता सचिन पायलट Image Source : FILE PHOTO

Highlights

  • अग्निपथ योजना को लेकर कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने सरकार पर साधा निशाना
  • सरकार को युवाओं की ‘असल’ शिकायत के लिए विपक्ष पर ठीकरा फोड़ना बंद करना चाहिए: पायलट
  • फिलहाल सरकार को अग्निपथ योजना वापस ले लेनी चाहिए: पायलट

Agneepath Scheme: कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने रविवार को केंद्र सरकार से ‘हठ’ न दिखाने और नयी सैन्य भर्ती योजना ‘अग्निपथ’ को व्यापक विचार-विमर्श के लिए तत्काल वापस लेने की अपील की, ताकि कृषि कानून प्रकरण की पुनरावृति से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि देश को पिछले कुछ वर्षों में ‘स्थायी रूप से उथल-पुथल’ वाली स्थिति में रख दिया गया है और ‘अग्निपथ योजना की अस्वीकृति’, बेरोजगारी तथा आर्थिक एवं कृषि संकट के फलस्वरूप युवाओं की ‘भयंकर नाराजगी’ सामने आई है।

विपक्ष पर ठीकरा फोड़ना बंद करो: पायलट 

पायलट ने कहा कि सरकार को युवाओं की ‘असल’ शिकायत के लिए विपक्ष पर ठीकरा फोड़ना बंद करना चाहिए तथा उसने कृषि कानून आंदोलन के दौरान जो आरोप-प्रत्यारोप का खेल खेला था, उससे उसे बचना चाहिए। प्रादेशिक सेना में कैप्टन पायलट ने कहा, ‘‘इसका विपक्ष से कोई लेना-देना नहीं है। यह युवा लोगों की असल शिकायत है। सरकार को उनकी आवाज सुननी चाहिए और निर्णय लेने तथा समीक्षा एवं संशोधन करने में हठ नहीं दिखाना चाहिए। फिलहाल सरकार को इसे (अग्निपथ योजना) वापस ले लेना चाहिए।’’ 

इस नीति पर तत्काल पूर्ण विराम लगाना चाहिए: पायलट 

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘सरकार ने कई राजनीतिक बाध्यताओं की वजह से एक साल बाद कृषि कानून वापस ले लिए। यह और गंभीर मुद्दा है तथा इसमें युवाओं का भविष्य शामिल है, इसलिए उसे इस नीति पर तत्काल पूर्ण विराम लगाना चाहिए।’’ उन्होंने कहा कि इस सरकार की पहचान किसी की नहीं सुनने वाली सरकार की है, लेकिन केंद्र को देश के अभिभावक की तरह बर्ताव करना चाहिए और ‘हठी नहीं बनना’ चाहिए। पायलट ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में यह देखा गया है कि देश को ‘स्थायी रूप से उथल-पुथल’ वाली स्थिति में ला खड़ा किया गया है।

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