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नोएडा में CBI की बड़ी कार्रवाई: अमेरिकी लोगों से 8.5 मिलियन डॉलर की ठगी करने वाले इंटरनेशनल साइबर क्राइम नेटवर्क का भंडाफोड़

 Reported By: Abhay Parashar Edited By: Subhash Kumar
 Published : Dec 12, 2025 05:00 pm IST,  Updated : Dec 12, 2025 05:00 pm IST

उत्तर प्रदेश के नोएडा में CBI का बड़ा एक्शन देखने को मिला है। सीबीआई ने यहां अंतरराष्ट्रीय साइबर क्राइम नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इन पर अमेरिकी नागरिकों से 8.5 मिलियन डॉलर की ठगी में शामिल होने का आरोप है।

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नोएडा में अंतरराष्ट्रीय साइबर क्राइम नेटवर्क का भंडाफोड़। Image Source : REPORTER

नोएडा में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय एक साइबर क्राइम नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। यह नेटवर्क 2022 से अमेरिकी नागरिकों को निशाना बना रहा था और अब तक लगभग 8.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 71 करोड़ रुपये) की ठगी कर चुका था। यह कार्रवाई FBI (USA) से मिली इनपुट के आधार पर की गई।

CBI ने 09 दिसंबर 2025 को मामला दर्ज किया और दिल्ली, नोएडा तथा कोलकाता में कई स्थानों पर छापेमारी की। जांच एजेंसी ने नोएडा में चल रहे एक अवैध कॉल सेंटर से छह आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया, जो अमेरिकी सरकारी एजेंसियों—DEA, FBI और Social Security Administration—के फर्जी अधिकारियों की तरह बात करते थे।

आरोपी पीड़ितों को यह झांसा देते थे कि उनके सोशल सिक्योरिटी नंबर (SSN) का इस्तेमाल ड्रग डिलीवरी और मनी लॉन्ड्रिंग में हुआ है और उनके सभी बैंक खातों व संपत्तियों को फ्रीज़ किया जा रहा है। इस डर का फायदा उठाकर वे पीड़ितों को लाखों डॉलर क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट्स और विदेशी बैंक खातों में ट्रांसफर कराने के लिए मजबूर करते थे।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम

1. शुभम सिंह @ डॉमनिक

2. डाल्टनलियन @ माइकल

3. जॉर्ज टी. ज़ामलियनलाल @ माइल्स

4. एल. सेइमिनलन हाओकिप @ रॉनी

5. मंगखोलुन @ मैक्सी

6. रॉबर्ट थांगखान्खुआल @ डेविड @ मुनरोइन

CBI ने क्या-क्या बरामद किया?

छापेमारी के दौरान CBI को बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री मिली है, जिसमें शामिल हैं-:

  • ₹1.88 करोड़ नकद
  • 34 इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, जिनमें मोबाइल फोन, लैपटॉप, हार्ड डिस्क और पेन ड्राइव शामिल
  • पीड़ितों से जुड़ी संवेदनशील डिजिटल जानकारी और दस्तावेज

जांच में यह भी सामने आया कि यह साइबर सिंडिकेट अपराध की कमाई को वर्चुअल एसेट्स और अंतरराष्ट्रीय बैंक ट्रांसफरों के ज़रिये एक देश से दूसरे देश में भेज रहा था।

‘ऑपरेशन चक्रा’ के तहत बड़ी सफलता

CBI ने बताया कि यह कार्रवाई उसके चल रहे OPERATION CHAKRA का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसके तहत INTERPOL और अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर साइबर अपराध के बड़े नेटवर्क पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है। CBI अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य साथियों, विदेशी खातों और धन के अंतिम गंतव्य की जांच कर रही है। एजेंसी का कहना है कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

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