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Central Vista Project: सेंट्रल एवेन्यू 80 फीसदी बनकर तैयार, जानिए नए संसद भवन की खासियत

सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के पहले फेस में 500 से ज्यादा गाड़ियों को पार करने की सुविधा की गई है और जब इसका दूसरा फेस बनकर तैयार होगा तो पार्किंग का स्पेस बढ़कर डबल हो जाएगा। सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट में 4 अंडर पास बनाए गए हैं, टॉयलेट्स की सुविधा की गई है।

Kumar Sonu Reported by: Kumar Sonu @Sonu_indiatv
Updated on: January 22, 2022 23:41 IST
Central Vista Project: सेंट्रल एवेन्यू 80 फीसदी बनकर तैयार, जानिए नए संसद भवन की खासियत- India TV Hindi
Image Source : ANI Central Vista Project: सेंट्रल एवेन्यू 80 फीसदी बनकर तैयार, जानिए नए संसद भवन की खासियत

Highlights

  • सेंट्रल एवेन्यू एरिया में 40 हजार स्क्वॉयर मीटर ग्रीन एरिया बढ़ाया गया
  • शीतकालीन सत्र से पहले नई संसद का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा- हरदीप सिंह पुरी
  • सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत नए संसद भवन की नींव साल 2020 में रखी गई थी

Central Vista Project: केंद्र सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट सेंट्रल विस्टा का सेंट्रल एवेन्यू 80 फीसदी बनकर तैयार हो चुका है। सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट में सेंट्रल एवेन्यू एरिया में पहले के मुकाबले अब 40 हजार स्क्वॉयर मीटर ग्रीन एरिया बढ़ाया गया है। पहले राजपथ के दोनों तरफ करीब 94 हजार स्क्वॉयर मीटर एरिया में लाल बजरी होती थी अब वहां पर लाल स्टोन की टाइल्स लगाई गई है। अब राजपथ की चौड़ाई 350 मीटर हो गई है, पहले ये कम होती थी। वहीं इसकी लम्बाई की बात करें तो वो राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट तक करीब ढाई किलोमीटर है।  

सेंट्रल विस्टा में राजपथ के दोनों तरफ अब 16 किलोमीटर का वॉक-वे बनाया गया है। यह वॉक-वे राजपथ के दोनों तरफ बनी कैनाल के साथ बनाया गया है। पहले जब पर्यटक या दिल्ली के लोग यहां घूमने के लिए आते थे तो राजपथ के आसपास बैठने के लिए एक बेंच भी नहीं होती था लेकिन अब राजपथ के दोनों तरफ पर्यटकों के लिए 422 बैंच बनाए गए हैं। 

राजपथ के दोनों तरफ बरसात में पहले पानी भर जाता था लेकिन अब वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के जरिए उस पानी को इकट्ठा किया जाएगा और समय-समय पर उसी पानी का छिड़काव ऑटोमेटिक मशीनों के द्वारा राजपथ के दोनों तरफ ग्राउंड में लगी घास पर छिड़काव करने के लिए किया जाएगा। पानी का छिड़काव करने के लिए 6 हजार स्प्रिंकेल्स लगाए गए हैं। राजपथ और इंडिया गेट के आसपास बनी कैनाल में गंदा पानी खट्ट हो जाता था और पहले इनके नालों की स्थिति बदतर हो चुकी थी लेकिन अब इनके नालों को बेहद खूबसूरत तरीके से रीडेवलेप किया गया है और इनके नालों के ऊपर कई छोटे-छोटे ब्रिज बनाए गए हैं।

सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के पहले फेस में 500 से ज्यादा गाड़ियों को पार करने की सुविधा की गई है और जब इसका दूसरा फेस बनकर तैयार होगा तो पार्किंग का स्पेस बढ़कर डबल हो जाएगा। सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट में 4 अंडर पास बनाए गए हैं, टॉयलेट्स की सुविधा की गई है। इसके साथ ही इंडिया गेट के पास स्टेप गार्डन बनाए गए हैं। सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत 1333 स्मार्ट लाइट पोल, 114 स्मार्ट साइन बोर्ड बनाए गए हैं।

वहीं शनिवार को केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि सेंट्रल विस्टा एवेन्यू अपने नए प्रभाव के साथ पूरी तरह से तैयार है। सेंट्रल विस्टा एवेन्यू में पुनर्विकास के बाद हरित कवरेज को बढ़ाया गया है। पुरी ने कहा कि शीतकालीन सत्र से पहले नई संसद का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। बता दें कि, सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत नए संसद भवन की नींव साल 2020 में रखी गई थी, इसके निर्माण कार्य में पहले करीब 971 करोड़ रुपए के खर्च का लक्ष्य रखा गया था लेकिन अब यह खर्च 29 फीसदी बढ़कर 1250 करोड़ से अधिक हो सकता है। सरकार ने सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के पूरा होने की डेडलाइन अक्टूबर 2022 रखी है। सरकार चाहती है कि नए संसद भवन में शीतकालीन सत्र आयोजित किया जाए।