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CISF Constable Bharti 2022: सीआईएसएफ की भर्ती परीक्षा में की थी धोखाधड़ी, 6 'मुन्ना भाई' गिरफ्तार

 Published : May 20, 2022 09:15 pm IST,  Updated : May 20, 2022 09:15 pm IST

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले की पुलिस ने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की भर्ती परीक्षा के दौरान धोखाधड़ी करने के आरोप में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। 

Six accused arrested in CISF exam fraud- India TV Hindi
Six accused arrested in CISF exam fraud Image Source : TWITTER

Highlights

  • CISF की आरक्षक भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी
  • पुलिस ने 6 मुन्ना भाइयों को गिरफ्तार किया
  • केस में 2 दलाल और 4 फर्जी अभ्यर्थी शामिल

CISF Constable Bharti 2022: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले की पुलिस ने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की भर्ती परीक्षा के दौरान धोखाधड़ी करने के आरोप में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। दुर्ग जिले के पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सीआईएसएफ अधिकारियों की शिकायत पर पुलिस ने उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के निवासी चन्द्रशेखर (20 वर्ष), श्याम वीर सिंह निषाद (20 वर्ष), महेन्द्र सिंह (19 वर्ष), अजित सिंह (19 वर्ष), दुर्गेश सिंह (31 वर्ष) और हरिओम (25 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया है। 

कैसे पकड़े गए आरोपी

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस महीने की 18 तारीख को सीआईएसएफ के निरीक्षक लोकेश कुमार कुर्रे ने जिले के उतई थाना में सीआईएसएफ के आरक्षक जीडी 2021 की परीक्षा के दौरान भर्ती बोर्ड को धोखा देकर चयन प्रक्रिया में कुछ लोगों के शामिल होने की शिकायत की थी। 

शिकायत में कहा गया था कि शारीरिक जांच के दौरान जब अभ्यर्थियों की बायोमेट्रिक जांच की गई, तब फिंगर प्रिंट तथा फोटो में समानता नहीं थी। उन्होंने बताया कि सीआईएसएफ के अधिकारी की​ शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू की और छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

पांच-पांच लाख रुपये में हुई थी डील

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जब आरोपियों से पूछताछ की गई तब उन्होंने बताया कि उन्होंने सीआईएसएफ में भर्ती कराने के लिये प्रत्येक अभ्यर्थी से पांच-पांच लाख रुपये लिये तथा फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए थे। भर्ती प्रक्रिया के दौरान अलग-अलग लोगों को अभ्यार्थी के रूप में प्रस्तुत किया जाता था। उन्होंने बताया कि आरोपियों से छत्तीसगढ़ का फर्जी स्थायी निवासी और आधार कार्ड बरामद किया गया है। 

अभ्यर्थियों की भी जल्द होगी गिरफ्तारी

दुर्ग जिले के पुलिस अधीक्षक डॉक्टर अभिषेक पल्लव ने बताया पकड़े गए आरोपी जिन अभ्यर्थियों की परीक्षा दे रहे थे उन्हें भी गिरफ्तार करने के लिए आगरा और मुरैना के लिए दो दल रवाना किया गया है। इनके पकड़े जाने के बाद इस संबंध में और भी कई खुलासे हो सकते हैं। पल्लव ने कहा, ‘‘गिरोह का एक दल लिखित परीक्षा देता था और दूसरा दल शारीरिक परीक्षा देता था। लिखित परीक्षा कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) के द्वारा लिया जाता है, इसलिए एसएससी से भी जानकारी मांगी गई है।’’

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