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सीजेआई चंद्रचूड़ ने कही ये बड़ी बात-बताया-'कानून का इस्तेमाल कैसे किया जाना चाहिए'

 Edited By: Kajal Kumari
 Published : Apr 08, 2023 06:30 am IST,  Updated : Apr 08, 2023 06:32 am IST

सीजेआई चंद्रचूड़ ने बड़ी बात कही है, उन्होंने बताया कि लोगों के लिए कानून का इस्तेमाल कैसे किया जाना चाहिए। सीजेआई ने कहा कि कानून में मानवता का स्पर्श होना चाहिए और समस्याओं की जड़ों को दूर करने के लिए हमेशा संवेदनशीलता के साथ इसका इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

CJI Chandrachud big statement- India TV Hindi
सीजेआई चंद्रचूड़ का बड़ा बयान Image Source : PTI

असम: भारत के मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ ने शुक्रवार को बड़ी बात कही, उन्होंने बताया कि देश में कानून का इस्तेमाल कैसे किया जाना चाहिए। सीजेआई ने बताया कि सभी लोगों के हितों की सेवा के लिए कानून में मानवता का स्पर्श होना चाहिए और समस्याओं की जड़ों को दूर करने के लिए हमेशा संवेदनशीलता के साथ इसका इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने गुवाहाटी उच्च न्यायालय के प्लेटिनम जयंती समारोह में कहा कि कानून को उन समुदायों की वास्तविकताओं को ध्यान में रखना चाहिए जहां इसे लागू करने की मांग की गई है। जब कानून की सही से व्याख्या की जाती है और उसे लागू किया जाता है, तो लोगों को सामाजिक संरचना में विश्वास होता है और यह न्याय की प्राप्ति की दिशा में एक कदम आगे है।

प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘कानून में मानवता का स्पर्श होना चाहिए ।यह सुनिश्चित करने के लिए मानवीय स्पर्श आवश्यक है कि कानून सभी के हितों को पूरा करे। समानता और विविधता के लिए सहानुभूति और सम्मान होना चाहिए।’’

न्यायपालिका की वैधता उस विश्वास और भरोसे में निहित है जो वह लोगों से प्राप्त करता है, जो बदले में न्यायिक स्वतंत्रता पर निर्भर करते हैं। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका में लोगों का विश्वास सबसे महत्वपूर्ण कारक से निर्धारित होता है कि संकट और जरूरत में नागरिकों के लिए न्यायपालिका पहली और आखिरी पहुंच है।

“क़ानून को मानवता के स्पर्श से ओतप्रोत होना चाहिए… यह सुनिश्चित करने के लिए एक मानवीय स्पर्श आवश्यक है कि कानून सभी के हितों की सेवा करता है। सीजेआई ने कहा, समानता और विविधता के लिए सहानुभूति और सम्मान होना चाहिए। "न्यायपालिका की भूमिका यह सुनिश्चित करना है कि कानून और इसका प्रशासन न्याय को बाधित नहीं करता है बल्कि इसे बनाए रखता है। समस्याओं के समाधान के लिए कानून को हमेशा संवेदनशीलता के साथ इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

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