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ED: ईडी ने रेजरपे के अन्य दफ्तर पर छापे मारकर 78 करोड़ रुपये की जमा राशि पर रोक लगा दी

 Published : Oct 21, 2022 11:14 pm IST,  Updated : Oct 21, 2022 11:14 pm IST

ED: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को कहा कि उसने रेजरपे और कुछ अन्य बैंकों के परिसर पर छापेमारी करके 78 करोड़ रुपये की ताजा जमा राशि पर रोक लगा दी है।

ED- India TV Hindi
ED Image Source : TWITTER

Highlights

  • धन शोधन जांच के सिलसिले में यह छापेमारी की गई
  • 19 अक्टूबर को तलाशी ली गई थी
  • नियंत्रण चीनी नागरिकों के पास है

ED: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को कहा कि उसने रेजरपे और कुछ अन्य बैंकों के परिसर पर छापेमारी करके 78 करोड़ रुपये की ताजा जमा राशि पर रोक लगा दी है। ईडी ने कहा कि चीनी नागरिकों के नियंत्रण वाले कर्ज उपलब्ध कराने वाले ऐप (कर्ज ऐप) के कथित अवैध संचालन के खिलाफ जारी धन शोधन जांच के सिलसिले में यह छापेमारी की गई। 

कंपनियों का नियंत्रण चीन के पास 

ईडी ने कहा कि बेंगलुरु स्थित पांच परिसर में गत 19 अक्टूबर को तलाशी ली गई थी। मोबाइल ऐप के जरिये छोटी राशि का कर्ज लेने वाले लोगों से वसूली और उनका उत्पीड़न करने में शामिल कई कंपनियों और व्यक्तियों के खिलाफ बेंगलुरु स्थित साइबर अपराध पुलिस थाने में दर्ज 18 प्राथमिकी के आधार पर धन शोधन का मामला दर्ज किया गया। मोबाइल ऐप पर कर्ज की सुविधा देने वाली इन कंपनियों का संचालन या नियंत्रण चीनी नागरिकों के पास है।

78 करोड़ रुपये जब्त किये गये
ईडी ने कहा, ‘‘ यह बात संज्ञान में आई है कि कथित कंपनियां अपना संदिग्ध या अवैध कारोबार भुगतान गेटवे या बैंक की विभिन्न मर्चेंट आईडी के माध्यम से कर रही थीं। उन्होंने केवाईसी दस्तावेजों में नकली पते जमा किए हैं। ’’ ईडी ने कहा कि चीनी नागरिकों के नियंत्रण वाली इन कंपनियों की मर्चेंट आईडी (भुगतान गेटवे में मौजूद) और बैंक खातों में मौजूद 78 करोड़ रुपये जब्त किये गये हैं।

डेढ़ साल पहले ही बाधित कर दिया था
इस मामले में अब तक जब्त की गई कुल राशि 95 करोड़ रुपये हो गई है। रेजरपे के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी ईडी के साथ पूरा सहयोग कर रही है, क्योंकि यह हमेशा ही जरूरी जानकारी देकर एजेंसी की सहायता करती रही है। प्रवक्ता ने कहा, ‘‘हमने सक्रियता दिखाते हुए उन सभी संदिग्ध कंपनियों और इनसे जुड़े कोष को डेढ़ साल पहले ही बाधित कर दिया था और इसका ब्योरा ईडी से कई बार साझा किया है। ’’ प्रवक्ता ने कहा कि रेजरपे के किसी कोष पर रोक नहीं लगाई गई है। 

पहले भी कई फर्जी चीनी लोन ऐप पर हो चुके हैं कार्रवाई 
आईएफएसओं यूनिट के डीसीपी के पीएस मल्होत्रा ने बताया था कि नेशनल क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर लोन ऐप से ठगी की सैकड़ों शिकायत मौजूद थीं। इनके आधार पर जांच शुरू की गई। पुलिस ने कॉल डिटेल और बैंक खातों की तकनीकी जांच के बाद दिल्ली, हरियाण, कर्नाटक, महाराष्ट्र, यूपी, बिहार समेत अन्य राज्यों में छापेमारी कर 22 आरोपियों को पकड़ा। पुलिस ने बताया कि लगातार इस तरह के मामले प्रकाश में आ रहे थे। इसके बाद दिल्ली पुलिस एक्शन में आई। वहीं बताया कि आगे इस तरह के ठगों को पकड़ने काम जारी रहेगा। 

गूगल को लिखा जाएगा पत्र 
पुलिस ने आग कहा कि इस तरह के ऐप बंद करने के लिए गूगल को पत्र लिखा जाएगा। गूगल पर ऐसे लगभग 100 अधिक ऐप है जो सिर्फ जालसाजी और ठगी करने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। पुलिस ने दावा कि इस तरह के जालसाज से ठग 2000-5000 करोड़ रुपये का फ्रॉड किए हैं। पुलिस ने बताया कि जिन्हें 5-10 हजार की जरुरत होती है उनसे ये ठग लाख-लाख रूपये वसुली करते थे। 

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