1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. Gujarat Riots 2002: सुप्रीम कोर्ट ने पीएम मोदी को क्लीन चिट देने का फैसला बरकरार रखा, ज़किया जाफरी की याचिका खारिज

Gujarat Riots 2002: सुप्रीम कोर्ट ने पीएम मोदी को क्लीन चिट देने का फैसला बरकरार रखा, ज़किया जाफरी की याचिका खारिज

 Edited By: Niraj Kumar
 Published : Jun 24, 2022 01:00 pm IST,  Updated : Dec 16, 2022 08:38 am IST

Gujarat Riots 2002: यह याचिका ज़किया जाफरी ने दायर की थी। जाकिया जाफरी गुजरात दंगों मारे गए कांग्रेस सांसद एहसान जाफरी की पत्नी हैं।

Supreme Court- India TV Hindi
Supreme Court Image Source : PTI/FILE

Highlights

  • जाकिया जाफरी ने दाखिल की थी याचिका
  • कांग्रेस सांसद एहसान जाफरी की पत्नी हैं जाकिया
  • 2002 दंगे में एहसान जाफरी की हुई थी मौत

Gujarat Riots 2002: सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने वर्ष 2002 के गुजरत दंगा (Gujarat Riots ) मामले में तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) समेत 64 लोगों को एसआईटी द्वारा क्लीन चिट दिए जाने को चुनौती देनेवाली याचिका खारिज कर दी है। यह याचिका ज़किया जाफरी ने दायर की थी। जाकिया जाफरी गुजरात दंगों मारे गए कांग्रेस सांसद एहसान जाफरी की पत्नी हैं। जस्टिस एम. खानविलकर, जस्टिस दिनेश माहेश्वरी और जस्टिस सीडी रविकार की बेंच ने मामले को बंद करने संबंधी 2012 में सौंपी गई एसआईटी की रिपोर्ट के खिलाफ दायर याचिका को खारिज करने के विशेष मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखा। 

बड़ी साजिश का आरोप

सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखा और कहा कि जाफरी की याचिका सुनवाई के योग्य नहीं है। जकिया जाफरी ने 2002 के गुजरात दंगों में एक बड़ी साजिश का आरोप लगाया था। कांग्रेस नेता और सांसद एहसान जाफरी 28 फरवरी, 2002 को अहमदाबाद की गुलबर्ग सोसाइटी में मारे गए 68 लोगों में शामिल थे। इससे एक दिन पहले गोधरा में साबरमती एक्सप्रेस के एक डिब्बे में आग लगा दी गई थी, जिसमें 59 लोग मारे गए थे। इन घटनाओं के बाद ही गुजरात में दंगे भड़क गए थे। 

हाईकोर्ट के 2017 के आदेश को दी थी चुनौती

जकिया जाफरी ने एसआईटी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित 64 लोगों को मामले में दी गई क्लीन चिट को चुनौती दी थी। ज़किया ने हाईकोर्ट के पांच अक्टूबर, 2017 के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें अदालत ने एसआईटी की रिपोर्ट के खिलाफ उनकी याचिका को खारिज कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल नौ दिसंबर को याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रखा था। 

जाकिया के अलावा किसी ने भी जांच पर सवाल नहीं उठाया-एसआईटी

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान एसआईटी ने कहा था कि जकिया के अलावा किसी ने भी 2002 दंगे मामले में हुई जांच पर ‘सवाल नहीं उठाए’ हैं। इससे पहले जकिया के वकील ने कहा था कि 2006 मामले में उनकी शिकायत है कि ‘‘एक बड़ी साजिश रची गई, जिसमें नौकरशाही की निष्क्रियता और पुलिस की मिलीभगत थी और अभद्र भाषा एवं हिंसा को बढ़ावा दिया गया।

इनपुट-भाषा

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत