Highlights
- हिंदू धर्म को लेकर संघ प्रमुख का बयान
- कैप्टन स्मित मच्छार की तारीफ की
- मोहन भागवत ने क्या कहा
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने मंगलवार को 'हिंदू स्वभाव' को समझाने के लिए, फ्लाईदुबई की फ्लाइट में हुए एक हमले के दौरान फ्लाइट के पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की प्रतिक्रिया का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि पायलट की यह प्रतिक्रिया उनके पालन-पोषण, सांस्कृतिक जड़ों और मूल्यों का स्वाभाविक प्रतिबिंब थी। नागपुर में RSS की वार्षिक विजयादशमी रैली को संबोधित करते हुए आरएसएस प्रमुख भागवत ने कहा कि कैप्टन मच्छार को ऐसी स्थिति से निपटने के लिए कोई विशेष प्रशिक्षण नहीं मिला था। इसके बजाय, संकट के उस क्षण में उनके पालन-पोषण से मिले संस्कार सामने आए।
आरएसएस प्रमुख ने कैप्टन की तारीफ की
भागवत ने कहा, "कैप्टन स्मित मच्छार ने जो किया, वह हिंदू धर्म के मूल्यों को दर्शाता है। उन्हें इस तरह की प्रतिक्रिया देने के लिए कोई विशेष प्रशिक्षण नहीं दिया गया था; बल्कि, उनके संस्कार ही ऐसे थे कि वे इसके अलावा कुछ और कर ही नहीं सकते थे। यह उनकी मातृभूमि, उनकी संस्कृति और उन मूल्यों का प्रभाव है, जिनके साथ उनका पालन-पोषण हुआ है।"
आरएसएस प्रमुख ने मच्छार के कार्यों को इस बात के उदाहरण के रूप में बताया कि कैसे सांस्कृतिक मूल्य किसी व्यक्ति को जानलेवा स्थिति में प्रतिक्रिया देने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि उनकी समझ के अनुसार, ये संस्कार विविधता को बढ़ावा देते हैं और उसकी रक्षा करते हैं, साथ ही राष्ट्रीय एकता और वैश्विक सद्भाव में योगदान देते हैं।
भागवत की यह टिप्पणी उस घटना के कुछ हफ्तों बाद आई है, जिसमें दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की एक उड़ान के दौरान, सह-पायलट ने कैप्टन मच्छर पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया था। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, भारतीय कैप्टन ने कॉकपिट का दरवाजा खोलकर यात्रियों को सतर्क कर दिया, जिससे विमान में सवार सभी लोगों की जान बच गई।
फ्लाईदुबई की फ्लाइट में क्या हुआ था?
कैप्टन मच्छार दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 उड़ा रहे थे, तभी सऊदी अरब के ऊपर उड़ान के दौरान को-पायलट ने उन पर 'क्रैश एक्स' (कुल्हाड़ी) से हमला कर दिया। शुरुआत में कैप्टन मच्छार को लगा कि विमान के ढांचे को कोई नुकसान पहुंचा है, लेकिन बाद में उन्हें एहसास हुआ कि उन पर हमला किया जा रहा है। सिर और बांहों पर चोट लगने के बावजूद, उन्होंने खुद को बचाने, क्रू को सतर्क करने और कॉकपिट के दरवाजे तक पहुंचने की कोशिश की।
इस घटना के दौरान विमान तेजी से नीचे उतरने लगा। अन्य पायलटों और यात्रियों ने बीच-बचाव करके को-पायलट को काबू में किया, जिससे फ्लाइट को नियंत्रित किया जा सका और उसे सऊदी अरब में सुरक्षित उतार लिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉल के ज़रिए मच्छार से बात की और उनके साहस की तारीफ़ की। पायलट के इस काम को कर्तव्य-परायणता और निस्वार्थ भाव के एक उदाहरण के तौर पर भी देखा गया।
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