तिरुवनंतपुरम: केरल के उत्तरी हिस्सों में भारी बारिश ने तबाही मचा दी है। सूबे के 4 जिलों कासरगोड, कन्नूर, कोझीकोड और वायनाड में रेड अलर्ट जारी किया गया है। बारिश के चलते कई इलाकों में भूस्खलन और बाढ़ की खबरें सामने आई हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग यानी कि IMD ने बताया कि रेड अलर्ट वाले जिलों में 24 घंटे में 20 सेंटीमीटर से ज्यादा बारिश हो सकती है। ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों एर्नाकुलम, इडुक्की, त्रिशूर, पलक्कड़ और मलप्पुरम में 11 से 20 सेंटीमीटर तक बारिश का अनुमान है। बाकी 5 जिलों तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पत्तनम्तिट्टा, अलप्पुझा और कोट्टयम में येलो अलर्ट है, जहां 6 से 11 सेंटीमीटर बारिश हो सकती है।
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स्कूल-कॉलेज बंद, पर्यटन पर पाबंदी
भारी बारिश को देखते हुए कासरगोड, कन्नूर, त्रिशूर और वायनाड में 17 जुलाई को सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का ऐलान किया गया है। वायनाड जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए अगले आदेश तक सभी पर्यटन गतिविधियों, खनन कार्यों और JCB के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। मुंडक्कई-चूरलमाला इलाके में प्रवेश पर पूरी तरह पाबंदी है, जहां पिछले साल जुलाई में भूस्खलन से 200 से ज्यादा लोगों की जान गई थी। कासरगोड में उप्पला और मोगरल नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। सिंचाई डिजाइन और अनुसंधान बोर्ड यानी किIDRB ने इन नदियों के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है।
राहत कार्यों की तैयारी में जुटा प्रशासन
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें और जरूरत पड़ने पर मदद के लिए स्थानीय अधिकारियों से संपर्क करें। स्थानीय प्रशासन हालात पर नजर रखे हुए है और राहत कार्यों की तैयारी में जुटा है। लोगों से अपील की गई है कि वे बेवजह घर से बाहर न निकलें और बारिश से प्रभावित इलाकों में सावधानी बरतें। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की आशंका जताई है, इसलिए सभी को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। केरल में बारिश का यह सिलसिला तमाम लोगों के लिए मुसीबत बनकर आया है, लेकिन प्रशासन और मौसम विभाग किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सक्रिय है।