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'आई लव मुहम्मद' नारे पर क्यों मचा है बवाल? कानपुर से उत्तराखंड और गुजरात तक फैला विवाद

 Edited By: Vineet Kumar Singh
 Published : Sep 23, 2025 12:57 pm IST,  Updated : Sep 23, 2025 12:57 pm IST

कानपुर में ‘आई लव मुहम्मद’ पोस्टर हटाने और FIR दर्ज होने के बाद देशभर में विवाद फैल गया है । मुस्लिम समुदाय विरोध में जुलूस निकाल रहा है। उत्तराखंड, महाराष्ट्र, गुजरात सहित कई राज्यों में तनाव बढ़ा है और हिंसा एवं पथराव की घटनाएं भी सामने आईं हैं।

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कानपुर में ‘आई लव मुहम्मद’ पोस्टर हटाने के बाद से जमकर बवाल हो रहा है। यह तस्वीर अहमदाबाद से है। Image Source : PTI

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के कानपुर में 'आई लव मुहम्मद' के पोस्टर लगाने को लेकर दर्ज हुई FIR ने पूरे देश में हंगामा मचा दिया है। मुस्लिम समुदाय के लोग जगह-जगह जुलूस निकाल रहे हैं और मस्जिदों पर ये पोस्टर चिपका रहे हैं। कई जगहों पर पुलिस पर पथराव और हिंसा की घटनाएं भी सामने आई हैं। यह सारा बवाल कानपुर से शुरू हुआ जहां एक पब्लिक रोड पर लगाए गए 'आई लव मोहम्मद' लिखे बोर्ड हटाए गए और इस मामले को लेकर FIR दर्ज की गई। घटना की जानकारी होते ही  उत्तराखंड, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान समेत कई राज्यों में बवाल शुरू हो गया।

बारावफात के जुलूस से शुरू हुआ बवाल

सब कुछ 4 सितंबर को कानपुर के रावतपुर इलाके में बरावफात यानी कि ईद-ए-मिलाद-उन-नबी के जुलूस से शुरू हुआ। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने सैयद नगर क्षेत्र में एक पब्लिक रोड पर 'आई लव मोहम्मद' लिखे बोर्ड लगाए। स्थानीय हिंदू संगठनों ने इसे 'नई परंपरा' बताते हुए विरोध किया और कहा कि यह जानबूझकर उकसावे की कोशिश है। दोनों पक्षों के बीच झड़प हुई, जिसके बाद पुलिस ने बोर्ड हटा दिया। लेकिन 9 सितंबर को रावतपुर थाने में 9 नामजद और 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई जिसमें धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप लगाए गए।

'लोगों ने हिंदू धार्मिक पोस्टर भी फाड़ दिए'

पुलिस का कहना है कि बोर्ड हटाने के दौरान मुस्लिम समुदाय के लोगों ने हिंदू धार्मिक पोस्टर भी फाड़ दिए थे, जिससे तनाव बढ़ गया। वहीं, मुस्लिम पक्ष का दावा है कि FIR सिर्फ 'आई लव मुहम्मद' नारे के लिए की गई, जो पैगंबर मुहम्मद के प्रति प्यार जताने का तरीका है। कानपुर की घटना के बाद विवाद तेजी से फैला। उत्तराखंड से महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश और बिहार तक मुस्लिम समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए। लोग हाथों में 'आई लव मुहम्मद' के बैनर लेकर जुलूस निकाल रहे हैं। लोगों की मांग है कि FIR रद्द की जाए, वरना आंदोलन जारी रहेगा।

महाराष्ट्र में भी हुआ विरोध प्रदर्शन

महाराष्ट्र के नागपुर के मोमिनपुरा और दिघोरी इलाकों में बड़ी संख्या में लोग जमा हुए। उन्होंने मस्जिदों पर 'आई लव मुहम्मद' के पोस्टर लगाए और नारे लगाए। वहीं, बरेली में 22 सितंबर को किला थाने के इलाके से 'आई लव मुहम्मद' पोस्टर हटाने पर इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के लीडर नफीस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में नफीस किला SHO सुभाष कुमार को धमकी देते दिखे। उन्होंने कहा, 'मैंने इंस्पेक्टर को चेतावनी दी थी कि मैं उसका हाथ काट दूंगा, उसकी वर्दी उतार दूंगा।' शहर एसपी मनुष परीक ने बताया कि वीडियो वायरल होने के बाद नफीस के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। जांच चल रही है और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

काशीपुर में हिंसक हुआ जुलूस

उत्तराखंड के काशीपुर में इजाजत के बिना निकाला गया 'आई लव मुहम्मद' जुलूस अली खान इलाके में हिंसक हो गया। बताया जा रहा है कि यहां सैकड़ों युवाओं ने पथराव किया और जमकर तोड़फोड़ की। घटना के बाद प्रशासन ने अभियान चलाकर अवैध अतिक्रमण को ध्वस्त कर दिया। वहीं, पुलिस ने समाजवादी पार्टी के लीडर नदीम अख्तर पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाते हुए कई आरोपियों की गिरफ्तारी भी की है। इसके अलावा हैदराबाद, मुंबई, लखनऊ और बरेली में भी विरोध प्रदर्शन हुए। लखनऊ में मुस्लिम महिलाओं ने विधान भवन के बाहर धरना दिया। मुंबई के मुंब्रा में बारिश के बावजूद रैली निकाली गई। कानपुर के शारदा नगर में भी बड़ा जुलूस निकला, जहां लोग बैनर लेकर FIR रद्द करने की मांग कर रहे थे।

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