नई दिल्ली: किसान आज अपने आंदोलन को लेकर आगे की रणनीति का ऐलान करेंगे। एमएसपी गारंटी कानून बनाने और अन्य मांगों को लेकर किसान संगठन पंजाब-हरियाणा बॉर्डर पर पिछले 17 दिनों से डटे हुए हैं। किसान को आंदोलन को देखते हुए पंजाब के पटियाला और संगरूर में इंटरनेट बंद कर दिया गया है। केंद्रीय कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने बुधवार को कहा कि सरकार प्रदर्शनकारी किसानों के साथ बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन अभी तक कोई बैठक तय नहीं हुई है।
किसान आंदोलन के दौरान उपद्रव करने वालों के खिलाफ अब हरियाणा पुलिस एक्शन में आ गई है। हरियाणा पुलिस ऐसे उपद्रवियों की पहचान कर रही है। जिन्होंने आंदोलन के दौरान सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा और पुलिस पर हमला किया। पुलिस अब ऐसे लोगों को पहचान कर उनके पासपोर्ट और वीजा रद्द कराने की तैयारी कर रही है। वहीं किसान संगठनों की मांग है कि केंद्र सरकार एमएसपी गारंटी कानून बनाए। वहीं सरकार किसानों के साथ बातचीत से मामले का समाधान चाहती है। यही वजह है कि सरकार ने 4 बार वार्ता फेल होने के बाद भी 5वें दौर की वार्ता का न्योता किसानों को दिया है।
केंद्रीय कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने बुधवार को कहा कि सरकार प्रदर्शनकारी किसानों के साथ बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन अभी तक कोई बैठक तय नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि समाधान निकालने की जरूरत है और इसलिए बातचीत की जाएगी। संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा (केएमएम) फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी और कृषि ऋण माफी सहित अपनी मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बनाने के लिए 'दिल्ली चलो' मार्च का नेतृत्व कर रहे हैं।
किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि आज खनौरी और शंभू बॉर्डर पर मार्च का 17वां दिन है। हमें जानकारी मिली है कि (शुभकरण सिंह की मौत के मामले में) आईपीसी की धारा 302 और 114 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है.'' .साथ ही आज हम मृतक (शुभकरण सिंह) के शव को खनौरी सीमा पर ले जाएंगे और उनका (शुभकरण सिंह) अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव में किया जाएगा।
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