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"70 पेशेंट थे, किसी ने पूरी रात ये नहीं सोचा डॉक्टर कहां गयी?" कोलकाता रेप पीड़िता के माता-पिता का छलका दर्द

 Reported By: Manish Bhattacharya Edited By: Avinash Rai
 Published : Aug 23, 2024 04:40 pm IST,  Updated : Aug 23, 2024 06:56 pm IST

कोलकाता रेप पीड़िता के माता-पिता ने इंडिया टीवी से खास बातचीत की है। इसे लेकर उन्होंने कहा कि उस दिन अस्पताल में 70 पेशेंट थे। लेकिन एक बार भी किसी ने ये नहीं सोचा कि डॉक्टर कहां है। इसी कारण शक बढ़ रहा है।

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कोलकाता रेप पीड़िता के माता-पिता का इंटरव्यू Image Source : INDIA TV

कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में ट्रेनी डॉक्टर का रेप और मर्डर के बाद से देश में आक्रोश का माहौल है। हर कोई एक सुर में दोषियों के खिलाफ फांसी की मांग कर रहा है। इस बीच मामले की जांच कर रही सीबीआई मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष का पॉलीग्राफ टेस्ट करने जा रही है। वहीं अस्पताल के 4 अन्य कर्मचारियों का भी पॉलीग्राफ टेस्ट किया जाएगा। इस बीच इंडिया टीवी ने पीड़िता के माता पिता का इंटरव्यू लिया है। चलिए बताते हैं कि इंटरव्यू में पीड़िता के माता-पिता ने क्या कहा और क्या मांग की है।

पीड़िता के पिता ने क्या कहा?

  • हमे किसी पर तो भरोसा रखना ही है, सीबीआई अपने नाम के अनुसार काम करें ताकि जल्दी हमें न्याय मिल सके।
  • 8 तारीख को शाम 8:30 बजे और देर रात 11:15 बजे बेटी से बात हुई, जिसमें बेटी ने बताया कि वह अपने जूनियर को खाना खिला रही है। अमूमन सीनियर अपने जूनियर को खाना खिलाते हैं।
  • मन में एक सवाल आता है की 70 पेशेंट थे। किसी ने पूरी रात ये नही सोचा डॉक्टर कहा गई। डिपार्टमेंट में पूरी रात किसी ने नहीं ढूंढा कि डॉक्टर कहां है। यही और संदेह पैदा कर रहा है कि कोई तो डिपार्टमेंट का भी शामिल है।
  • पहला कॉल एक लड़की का आया, सुबह 10:53 पर। गंदे तरीके से बात की और तबियत खराब बोल कर अस्पताल आने को कहा।
  • फिर मैंने उसी लड़की को कॉल किया तो पूछा क्या हुआ तो बोली कि जल्दी अस्पताल आ जाओ।
  • जब हम गाड़ी में बैठे तो असिस्टेंट सुपरवाइजर का कॉल आया और बताया की आत्महत्या की है बेटी ने जल्दी आ जाओ।
  • हम 12 बजे अस्पताल पहुंचे तो कोई मुझे अलग ले गया, मेरी पत्नी को कोई अलग ले गया। लेकिन 3 घंटे तक सेमिनार हॉल में कोई नहीं ले गया।
  • पुलिस सिर्फ गुमराह कर रही थी।
  • वहां डिपार्टमेंट से कोई नहीं था। सिर्फ पुलिस वाले थे।
  • प्रिंसिपल हमे ऑफिस में बुला रहा था, खूब चिल्लम चिल्ली के बाद प्रिंसिपल आया, लेकिन हमसे बात नहीं की।
  • कमिश्नर के फोन पर सीएम ममता बनर्जी का कॉल आया और कार्रवाई करने की बात की।
  • 6:10 पर पोस्टमॉर्टम हुआ।
  • 4 लोग ड्यूटी पर थे, जिसमें एक इंटर्न भी था।
  • अंतिम संस्कार में जल्दबाजी हुई, यहां तक कि पैसे भी किसने दिए अंतिम संस्कार के ये भी नहीं पता।
  • पुलिस जांच शुरू से ही गुमराह कर रही है।
  • हमने कभी ऐसा नहीं कहा की FIR मत करो।
  • हमने 6 बजे पुलिस को लिखित शिकायत दी, रात 11:45 पर FIR हुई।
  • मेरी बेटी डायरी लिखती थी, डायरी के 3 पेज फटे हुए थे, सीबीआई ने जांच की है, हम इस बारे में कुछ नही बोलेंगे।
  • संजय रॉय के बारे में कभी नही सुना।
  • इसमें सिर्फ संजय रॉय है, ये गलत है और लोग भी इसमें शामिल हैं।
  • सीएम ने 10 लाख देने की बात की, हमें पैसा नहीं इंसाफ चाहिए।
  • बेटी MD में गोल्ड मेडल पाना चाहती थी, डायरी में भी लिखा था ऐसा।

पीड़ित की मां ने क्या कहा?

  • पीड़िता की मां ने कहा कि मेरी बेटी हमेशा पेशेंट की बातें करती थी, लैपटॉप पर पढ़ती रहती थी।
  • घर में किसी को टीवी नहीं देखने देती थी, हमेशा पढ़ाई की बात करती थी।
  • मेरा एक मात्र सहारा थी बेटी। मेरा परिवार का सपना पूरा करना चाहती थी। सब टूट गया।
  • पुलिस सब झूठ बोल रही है।
  • पुलिस पर भरोसा किया, उन्होंने अपने तरीके से काम किया।
  • पीएम नरेंद्र मोदी से उम्मीद है कि इंसाफ मिलेगा।
  • जैसे-जैसे देर हो रही है, हमारी आशा टूट रही है।
  • मेरी बेटी गई, लेकिन करोड़ों बच्चे मेरे साथ जुड़े हैं। यही हमारी हिम्मत बढ़ा रही है।
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