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डिप्टी स्पीकर के नाम पर खुल्लमखुल्ला 'तबादला धंधा'! PA को पता चला तो विधानसभा तक मचा हड़कंप; 2 इंजीनियरों पर FIR

 Edited By: Khushbu Rawal
 Published : Jun 18, 2026 10:25 am IST,  Updated : Jun 18, 2026 10:26 am IST

ओडिशा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर के नाम और फर्जी हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर सरकारी कर्मचारियों के तबादले की सिफारिश करने के आरोप में पुलिस ने एक असिस्टेंट एक्जीक्यूटिव इंजीनियर को गिरफ्तार किया है।

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ओडिशा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर भवानी शंकर भोई के निजी सचिव ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। Image Source : REPORTER INPUT

ओडिशा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर के नाम और फर्जी हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर सरकारी कर्मचारियों के तबादले की सिफारिश करने के आरोप में पुलिस ने एक असिस्टेंट एक्जीक्यूटिव इंजीनियर को गिरफ्तार किया है। मामले के सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। डिप्टी स्पीकर के निजी सचिव की ओर से राजधानी पुलिस स्टेशन में दो सहायक कार्यकारी इंजीनियरों के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई गई।

जूनियर इंजीनियर मोनालिसा फरार 

गिरफ्तार आरोपी की पहचान लक्ष्मण हेम्ब्रम के रूप में हुई है, जो क्योंझर जिले के हरिचंदनपुर में असिस्टेंट एक्जीक्यूटिव इंजीनियर के पद पर कार्यरत था। गिरफ्तारी के बाद उसे पूछताछ के लिए भुवनेश्वर लाया गया। इस मामले में एक अन्य आरोपी मोनालिसा बेहरा भी शामिल बताई जा रही है, जो क्योंझर जिले के बांसपाल ब्लॉक में जूनियर इंजीनियर के पद पर कार्यरत है। पुलिस के अनुसार वह फिलहाल फरार है और उसकी तलाश में छापेमारी की जा रही है।

अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच

भुवनेश्वर जोन-1 के ACP रमेश चंद्र बिसोई ने बताया कि लक्ष्मण हेम्ब्रम को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दस्तावेजों की जालसाजी के इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। आरोपी के खिलाफ जालसाजी और धोखाधड़ी से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

असिस्टेंट एक्जीक्यूटिव इंजीनियर गिरफ्तार।
Image Source : REPORTER INPUTअसिस्टेंट एक्जीक्यूटिव इंजीनियर गिरफ्तार।

कैसे हुआ पूरे मामले का खुलासा?

जानकारी के अनुसार, यह मामला तब सामने आया जब विधानसभा के डिप्टी स्पीकर भवानी शंकर भोई के निजी सचिव ने कैपिटल थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि उपाध्यक्ष के नाम और पद का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है और उनके नाम से फर्जी आधिकारिक पत्र जारी किए गए हैं। जांच में सामने आया कि एक नकली लेटरहेड तैयार किया गया था, जिस पर डिप्टी स्पीकर भवानी शंकर भोई के कथित फर्जी हस्ताक्षर किए गए थे। इसी पत्र का उपयोग सरकारी कर्मचारियों के तबादले की सिफारिश करने के लिए किया जा रहा था।

शिकायत के आधार पर जांच शुरू

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और मामले में लक्ष्मण हेम्ब्रम की संलिप्तता सामने आने पर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फर्जी दस्तावेज किसने तैयार किए, उन्हें किस-किस जगह भेजा गया और इस पूरे मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और पूरे षड्यंत्र का खुलासा करने के लिए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मामले में और भी महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं।

फिलहाल पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि फर्जी पत्रों के जरिए कितने कर्मचारियों के तबादले प्रभावित हुए और इस जालसाजी से किसे लाभ पहुंचाने की कोशिश की गई थी। मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

(ओडिशा से शुभम कुमार की रिपोर्ट)

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